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Anti Sikh Riot

1984 सिख विरोधी दंगा मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे सज्जन कुमार को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम राहत नहीं मिली है. सीबीआई ने उनकी जमानत का कड़ा विरोध किया है. अब इस मामले की अगली सुनवाई जुलाई में होगी.

यह निर्णय पीड़ितों के लिए लंबे समय से चल रही मांगों और दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी (DSGMC), जन प्रतिनिधियों और पीड़ित समूहों के लगातार किए गए अनुरोधों के बाद लिया गया है. हाल ही में LG से इन प्रतिनिधियों ने मुलाकात की थी और अपनी परेशानियों को साझा किया था.

इससे पहले 12 नवंबर को इस मामले में शिकायतकर्ता लखविंदर कौर का क्रॉस एग्जामिनेशन किया गया. लखविंदर कौर ने कहा कि ग्रंथी सुरेंदर सिंह ने उन्हें बताया कि उनके पति बादल सिंह को गुरुद्वारा पुल बंगश के पास भीड़ ने हत्या कर दी.

कोर्ट ने शिकायतकर्ता की वकील कामना वोहरा को दो दिन के भीतर लिखित दलीलें दाखिल करने का निर्देश दिया है. सज्जन की और से पेश अधिवक्ता अनिल शर्मा ने कहा कि सज्जन कुमार का नाम लेने में 16 साल की देरी हुई.