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महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चौहान के एक बयान ने देश की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। यह बयान उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर दिया, जिसे लेकर अब तीखी बहस शुरू हो गई है।

मोबाईल फोन चलाने वाले लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामनें आ रही है...जी हां आप भी सोच रहे होंगे कि हम ऐसा क्यों कह रहें तो आपको बता दें कि भारत में बहुत ज्यादा दिन नहीं बल्कि अगले हफ्ते एक नहीं बल्कि तीन- तीन नए फीचर्स के मोबाइल फोन भारत में धमाका करने वाले हैं...

बैठक की अगुवाई केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया ने की थी. बैठक के दौरान श्रम मंत्रालय और ईपीएफओ के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे. नए नियम में कर्मचारी और कंपनी दोनों के हिस्से को मिलाकर 75 प्रतिशत तक निकासी की अनुमति दी गई है. इससे नौकरीपेशा लोगों को जरूरत के समय अपने ही पैसे तक आसान पहुंच मिलेगी. साथ ही रिटायरमेंट के लिए जरूरी बचत भी सुरक्षित बनी रहेगी.

डिजिटल दौर में काम और निजी जीवन के बीच संतुलन बिगड़ने की बढ़ती चिंता के बीच एनसीपी (एसपी) की सांसद सुप्रिया सुले ने लोकसभा में एक अहम निजी सदस्य विधेयक पेश किया है। इस विधेयक का उद्देश्य कर्मचारियों को मानसिक तनाव और लगातार उपलब्ध रहने के दबाव से राहत दिलाना है। ‘राइट टू डिस्कनेक्ट बिल, 2025’ नामक इस प्रस्तावित कानून में कर्मचारी कल्याण प्राधिकरण (एम्प्लॉई वेल्फेयर अथॉरिटी) के गठन का प्रावधान किया गया है, जो कर्मचारियों को काम के तय समय और अवकाश के दौरान ऑफिस से जुड़े फोन कॉल, ई-मेल और मैसेज का जवाब न देने का कानूनी अधिकार देगा। यह विधेयक 5 दिसंबर को लोकसभा में पेश किया गया। इसके बाद सुप्रिया सुले ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि यह पहल डिजिटल कल्चर से पैदा हो रहे तनाव, थकान और बर्नआउट को कम करने में मदद करेगी। उनके मुताबिक, लगातार ऑनलाइन रहने की मजबूरी न केवल कर्मचारियों की निजी जिंदगी को प्रभावित कर रही है, बल्कि उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक असर डाल रही है। ऐसे में यह बिल बेहतर जीवन गुणवत्ता और स्वस्थ वर्क–लाइफ बैलेंस को बढ़ावा देने की दिशा में एक जरूरी कदम है।

एम्स दिल्ली में इलाज के लिए आने वाले ओपीडी मरीजों को अब सीटी स्कैन जांच के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। मरीजों की सुविधा और समयबद्ध इलाज को ध्यान में रखते हुए (AIIMS) ने एक अहम पहल की है। इसके तहत एम्स ने प्राइवेट और प्रतिष्ठित Diagnostic Center से **Expression of Interest (EOI)** मांगा है, ताकि ओपीडी मरीजों को **सब्सिडी दरों पर और तय समय के भीतर सीटी स्कैन जांच** की सुविधा मिल सके।

जानकारी के लिए बता दें कि मनरेगा को साल 2005 में ग्रामीण विकास मंत्रालय की ओर से शुरू किया गया था. इसकी खासियत यह है कि मनरेगा दुनिया के सबसे बड़े रोजगार गारंटी कार्यक्रमों में से एक है. 2022-23 तक इस योजना के तहत करीब 15.4 करोड़ एक्टिव मेंबर रजिस्टर्ड थे. सरकार की ओर से शुरू किए गए इस योजना का उद्देश्य था अधिकार-आधारित सिस्टम के जरिए गरीबी की जड़ को दूर करना.

आदित्य धर की नई एक्शन स्पाई-थ्रिलर फिल्म ‘धुरंधर’ सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है और दर्शकों के बीच इसे जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है। इस फिल्म की कहानी जितनी मजबूत है, उतनी ही खास इसकी लोकेशंस भी हैं। अलग-अलग जगहों पर हुई शूटिंग ने फिल्म को रियल और ग्रैंड लुक दिया है। आइए जानते हैं कि ‘धुरंधर’ की शूटिंग किन-किन जगहों पर की गई है

ट्रंप प्रशासन ने सोमवार से H-1B वीजा और H-4 वीजा आवेदकों की जांच के आदेश दिए हैं। यह जांच आज (सोमवार) से शुरू होगी। जांच के दौरान सभी की सोशल मीडिया प्रोफाइल भी चेक की जाएगी। ट्रंप प्रशासन ने एक नया आदेश जारी करते हुए कहा है कि 15 दिसंबर से H-1B वीजा का आवेदन करने वालों और उनपर आश्रित लोगों की ऑनलाइन उपस्थिति की समीक्षा की जाएगी। स्टूडेंट्स पहले से ही इस समीक्षा के दायरे में थे। वहीं, अब अमेरिकी प्रशासन ने ऑनलाइन उपस्थिति के साथ-साथ सोशल मीडिया प्रोफाइल की जांच करने का भी आदेश दिया है। साथ ही H-1B वीजा और H-4 वीजा आवेदक और उनपर आश्रित लोग भी इस जांच के दायरे में आएंगे।

कांग्रेस भले ही इन दिनों देशभर में सियासी तौर पर मुश्किल दौर से गुजर रही हो, लेकिन पार्टी नेतृत्व को “सलाह” देने वाले नेता अब भी रास नहीं आ रहे हैं. ओडिशा की राजनीति से सामने आए ताज़ा घटनाक्रम में कांग्रेस ने कटक से पूर्व विधायक मोहम्मद मोकिम को पार्टी से निष्कासित कर दिया है. वजह बना सोनिया गांधी को लिखा गया वह पत्र, जिसमें मोकिम ने न सिर्फ पार्टी के कामकाज पर सवाल उठाए बल्कि अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की उम्र और नेतृत्व क्षमता पर भी टिप्पणी कर दी.

दिल्ली के रामलीला मैदान में कांग्रेस की ओर से रैली का आयोजन किया गया. राहुल गांधी समेत कांग्रेस पार्टी के कई बड़े नेताओं ने इस रैली में आए हुए लोगों को संबोधित किया. रैली के दौरान ही कार्यकर्ताओं ने कुछ ऐसा किया कि उल्टे कांग्रेस की ही किरकिरी होने लगी. सरकार को घेरने के लिए पहुंचे कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने पीएम मोदी के खिलाफ नारे लगाए. इन नेताओं ने पीएम मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगाए.