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Muzaffarpur 102 Ambulance Case: मुजफ्फरपुर में मरीजों की जान बचाने वाली गाड़ी में मौत का सामान मिला है. इसके बाद से पुलिस और प्रशासन हरकत में आ गया है. गैरकानूनी सामान को जब्त कर आगे की कार्रवाई की जा रही है.

Supreme Court Hearing: बिहार सरकार ने छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुए बल प्रयोग के मामले में सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर पुलिस बर्बरता के दावों को खारिज किया है. सरकार ने बताया कि भीड़ नियंत्रण के लिए न्यूनतम आवश्यक कदम उठाए गए थे.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को बिहार के लखीसराय में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना में मारे गए प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से 2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है.

Ranisarai Ghat Drowning: पटना के बख्तियारपुर स्थित रानीसराय गंगा घाट पर बड़ा हादसा हो गया है. गंगा में नहाने के दौरान एक ही परिवार के 7 बच्चे डूब गए, जिनमें से 4 बच्चियां अब भी लापता हैं.

बक्सर के सिमरी प्रखंड में युवा चेतना ने आधा दर्जन गांवों में हजारों गरीबों के बीच छाता वितरण किया. राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार सिंह ने कहा कि वंचितों की सेवा ही जीवन का लक्ष्य है.

बिहार में 80वां स्वतंत्रता दिवस धूमधाम से मनाया गया. पटना के गांधी मैदान में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पहली बार तिरंगा फहराया और प्रदेशवासियों को संबोधित किया.

बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर पुलिस ने कई अहम उपलब्धियां गिनाईं. हत्या और डकैती के मामलों में कमी के साथ राज्य को नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त बताया गया है.

Bihar Cyber ​​Crime: नवादा जिले की पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग और फर्जी लोन के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है. वारिसलीगंज पुलिस ने तीन अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके पास से 29 एंड्रॉयड मोबाइल व नगदी बरामद की.

BIHAR LIQUOR BAN NOT ENDING: बिहार के मद्य निषेध मंत्री मदन सहनी ने सोशल मीडिया पर चल रही शराबबंदी खत्म होने की चर्चाओं को पूरी तरह खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि राज्य में शराबबंदी कानून लागू रहेगा और दूसरे राज्यों की शराब बनाने वाली कंपनियों पर भी अब FIR दर्ज होगी.

Bihar Police Magistrate Power: बिहार सरकार ने कानून-व्यवस्था को लेकर बड़ा फैसला लिया है. अब IG, DIG से लेकर SSP और SP तक को विशेष कार्यपालक दंडाधिकारी (मजिस्ट्रेट) की शक्तियां दे दी गई हैं. अब उपद्रवियों से बॉन्ड भरवाने के लिए सिविल अधिकारियों का इंतजार नहीं करना होगा.