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Bihar SIR

बिहार एसआईआर की संवैधानिकता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई पूरी होने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है.

उत्तर प्रदेश में शुरू हुए SIR यानी Special Intensive Revision का पूरा उद्देश्य वोटर लिस्ट को साफ और सही बनाना है। इस प्रक्रिया में डुप्लीकेट, मृतक और फर्जी वोट हटाए जाते हैं ताकि चुनाव पारदर्शी रहें। बिहार में भी यह प्रक्रिया हो चुकी है जहाँ लाखों नाम हटाए गए थे। यूपी में भी अनुमान है कि 30–50 लाख नाम कट सकते हैं, इसलिए जागरूक रहना बहुत ज़रूरी है। अपना नाम वोटर लिस्ट में अवश्य जांचें, जरूरी दस्तावेज तैयार रखें और अगर कोई गलती दिखे तो तुरंत सुधार करवाएँ। SIR आपके वोट को सुरक्षित रखने की प्रक्रिया है।

Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण में 64 फीसदी से अधिक मतदान हुआ. सबसे खास बात यह की ये आंकड़े आजादी के बाद से सबसे ज्यादा है. आइये जानें इसके 5 कारण क्या हैं?

बिहार एसआईआर मामले में सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है. जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने यह निर्देश देते हुए कहा कि मतदाता सूची की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए.

बिहार में मतदाता सूची (एसआईआर) को लेकर दायर याचिकाओं की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई 9 अक्टूबर को जारी रहेगी.

बिहार चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने बिहार में शुरू किए गए विशेष गहन पुनपरीक्षण (SIR) का फाइनल लिस्ट मंगलवार (30 सितंबर) को जारी कर दिया है.

सुप्रीम कोर्ट ने बिहार एसआईआर मामले में चुनाव आयोग को आदेश दिया है कि आधार को 12वें वैध दस्तावेज के रूप में स्वीकार किया जाए. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आधार की प्रमाणिकता जांच अधिकारियों के अधिकार में रहेगी.

बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले कराए गए मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का विरोध हो रहा है. बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कांग्रेस की 31 अगस्त की प्रेस कॉन्फ्रेंस के संबंध में प्रेस विज्ञप्ति जारी की है.

राहुल गांधी (Rahul Gandhi) द्वारा चुनाव आयोग पर लगाए गए आरोप पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने पलटवार किया है. राहुल के आरोप पर उन्होंने कहा कि 7 दिन में हलफनामा देना होगा या फिर देश से माफी मांगनी होगी.

रविवार (17 अगस्त) को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चुनाव आयोग ने SIR प्रक्रिया पर भी स्थिति स्पष्ट की. अपने जवाब में कहा कि चुनाव आयोग के कंधे पर बंदूक रखकर भारत के मतदाताओं को निशाना बनाकर राजनीति की जा रही है.