Bihar SIR को लेकर दायर अन्य याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने आयोग को 2 सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है. कोर्ट 4 नवंबर को मामले में अगली सुनवाई करेगा.
चुनाव आयोग की ओर से पेश वरिष्ठ वकील राकेश द्विवेदी ने सुप्रीम कोर्ट से एक बार फिर फर्जी दस्तावेज जमा करने का आरोप लगाया है. सुनवाई के दौरान एडीआर की ओर से पेश वकील प्रशांत भूषण ने कोर्ट बताया कि उन्होंने नया हलफनामा दाखिल कर दिया हैं.
क्या बोली कोर्ट?
कोर्ट ने कहा कि इस मामले के गुण और दोष के आधार पर कोई असर नहीं पड़ेगा. जबकि अन्य याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील वृंदा ग्रोवर ने कहा कि उन्हें मेरे आईए पर जवाब दाखिल करना था. हम डेटा पर काम कर रहे हैं.
वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि नियमों, दिशानिदेशों, नियमावली 2003 के दिशानिदेशों का पालन किया जाना चाहिए.
कोर्ट ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि मतदाता सूची का प्रकाशन प्रक्रिया का अभिन्न अंग है और इसे पारदर्शी रूप से वेबसाइट पर जारी किया जाना जरूरी है. इसपर भूषण ने कहा कि अंतिम सूची जारी किए जाने के बाद जोड़े जा रहे मतदाता की सूची भी वेबसाइट पर डाली जानी चाहिए. चुनाव आयोग ने कोर्ट को बताया कि सबकुछ वेबसाइट पर डालते हैं, अभी लोग जुड़ रहे है.
इस प्रक्रिया को खत्म होने पर ही वेबसाइट पर डाला जाएगा. चुनाव आयोग ने कहा कि मतदाता सब जानते हैं. वह डेटा विश्लेषण का इंतजार कर सकते हैं और भविष्य में चुनाव आयोग को मार्गदर्शन दे सकते हैं. बता दें कि वर्ष 2026 में असम, केरल, पुड्डुचेरी, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव होने वाला है.
इससे पहले आयोग इन एसाईआर राज्यों में एसआईआर कराएगा. इसको लेकर आयोग के 10 सितंबर को सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के साथ बैठक हुई थी.
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-भारत एक्सप्रेस
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