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BRICS Summit 2026

BRICS Summit 2026: नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के पहले दिन पीएम मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और UN महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के साथ बैक-टू-बैक कई अहम बैठकें कीं.

BRICS Summit 2026 के बीच शी जिनपिंग करीब 7 साल बाद भारत आ रहे हैं, जहां पीएम मोदी के साथ अहम द्विपक्षीय बैठक होगी.

ब्रिक्स संगठन का बढ़ता दायरा पश्चिमी देशों के आर्थिक दबदबे और प्रतिबंध लगाने की ताकत को सीधी चुनौती दे रहा है, जिससे वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था का संतुलन तेजी से बदल रहा है.

भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें BRICS Pay की वजह से नहीं, बल्कि रूस से मिलने वाले सस्ते कच्चे तेल, विविध आयात और सरकारी टैक्स प्रबंधन के कारण स्थिर बनी हुई हैं.

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने ब्रिक्स को मजबूत करने के लिए पीएम मोदी की तारीफ की. उन्होंने डॉलर की जगह राष्ट्रीय मुद्राओं में व्यापार और व्यावहारिक सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया.

BRICS BUSINESS FORUM 2026: नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित ब्रिक्स बिजनेस फोरम के लीडर्स सेशन में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार के प्रयासों की मुक्तकंठ से सराहना की. उन्होंने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच ब्रिक्स को व्यावहारिक आर्थिक सहयोग और राष्ट्रीय मुद्राओं में व्यापार को प्राथमिकता देनी होगी.

BRICS Expansion 2026: ब्रिक्स विस्तार 2026 भारत की इस क्षमता की परीक्षा ले रहा है कि वह गुट को विकास, सहयोग और रणनीतिक स्वायत्तता पर केंद्रित रखते हुए चीन के प्रभाव को कैसे संतुलित करता है.

BRICS करेंसी को लेकर फैलाई जा रही खबरें महज अफवाह हैं. भारत ने साफ किया है कि वह रुपये को मजबूत करने और स्थानीय मुद्रा में व्यापार पर ध्यान देगा, किसी नई करेंसी पर नहीं.

BRICS 2026: BRICS में शामिल होने के लिए पाकिस्तान भले ही चीन और रूस से गुहार लगा रहा हो, लेकिन भारत के पास एक ऐसा नियम है जिससे इस्लामाबाद की एंट्री पूरी तरह अटक गई है.

INDIA BRICS TRADE REPORT: एसोचैम की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, ब्रिक्स देशों के साथ भारत का कुल द्विपक्षीय व्यापार पिछले पांच वर्षों में दोगुना होकर 417 अरब डॉलर तक पहुंच गया है. रिपोर्ट में अनुमान जताया गया है कि दक्षिण-दक्षिण सहयोग और ब्रिक्स प्लस विस्तार के दम पर वर्ष 2030 तक भारत का निर्यात 200 अरब डॉलर के पार पहुंच सकता है.