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Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital
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bulldozer action

ग्रेटर नोएडा के जेवर एयरपोर्ट के पास अवैध निर्माण और कब्जों पर यमुना प्राधिकरण ने सख्त कार्रवाई की हैं. गोपालगढ़ और मेहंदीपुर गांवों में करीब 4 लाख वर्ग मीटर भूमि को कब्जा मुक्त कराया गया, जिसकी कीमत लगभग 200 करोड़ रुपये है.

काशीपुर के कुंडेश्वरी क्षेत्र में सरकारी भूमि पर बनी 5 अवैध मजारों को प्रशासन ने गिरा दिया. मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर चल रहे इस अभियान में अब तक 537 मजारें हटाई जा चुकी हैं.

दिल्ली में बीते दिनों अवैध झुग्गियों पर DDA का बुलडोज़र जमकर गरजा. अशोक विहार के जेलर बाग में सभी अवैध झुग्गियों को जमींदोज़ कर दिया गया है. इस इलाके के अधिकतर लोगों को स्वाभिमान अपार्टमेंट में फ्लैट मिल चुका है, जिनको नहीं मिला है उनको कोर्ट की ओर से स्टे मिल गया है और उनकी झुग्गियां बच गईं हैं. Bharat Express की टीम जब मौके पर पहुंची तो कुछ लोगों ने आरोप लगाया की कोर्ट से स्टे होने के बावजूद उनकी झुग्गियों को तोड़ दिया गया. देखिए हमारी स्पेशल ग्राउंड रिपोर्ट...

अहमदाबाद के चंडोला तालाब क्षेत्र में बांग्लादेशी घुसपैठियों के अवैध निर्माणों पर प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई की. 50 बुलडोजर और 36 डंपर से ढांचे ध्वस्त किए गए, 890 संदिग्ध हिरासत में लिए गए.

Bulldozer Action In UP: सुप्रीम कोर्ट ने यूपी के प्रयागराज में बुलडोजर एक्शन को अमानवीय और अवैध बताया. पीड़ितों को 10 लाख रुपये मुआवजे का आदेश दिया और उचित प्रक्रिया के महत्व पर जोर दिया.

यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण ने जेवर एयरपोर्ट के आसपास अवैध निर्माणों पर सख्त कार्रवाई की. भूमाफियाओं के खिलाफ बुलडोजर चलाए गए, प्रशासन ने चेतावनी दी कि भविष्य में कड़ी कार्रवाई होगी.

सुप्रीम कोर्ट ने प्रयागराज में कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बिना की गई बुलडोजर कार्रवाई पर यूपी सरकार को फटकार लगाई. कोर्ट ने कहा कि अनुच्छेद 21 का सम्मान किया जाए और मकानों का पुनर्निर्माण किया जाए.

सुप्रीम कोर्ट ने बुल्डोजर एक्शन पर नई गाइडलाइंस जारी की है, जिसमें कहा गया है कि सरकारें न्यायालय का स्थान नहीं ले सकती हैं.

Bulldozer Action: उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और राजस्थान में हाल ही में हुए बुलडोजर की कार्रवाई के खिलाफ दायर याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है.

याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई थी कि गलत एक्शन की स्थिति में दोषी अधिकारियों से ही मुआवजे की रकम वसूली जाए. इसके साथ ही उसके खिलाफ उचित कदम उठाया जाए.