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covid vaccine

हरियाणा विधानसभा में सरकार ने बताया कि जनवरी 2020 से जनवरी 2026 तक 18 से 45 वर्ष आयु वर्ग के करीब 18 हजार युवाओं की मौत हार्ट अटैक या हार्ट फेलियर से हुई.

ICMR और AIIMS की स्टडी में पाया गया कि कोविड वैक्सीन को अचानक मौतों से जोड़ना गलत है. स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसे भ्रामक और अफवाह करार दिया.

गायना के स्वास्थ्य मंत्री फ्रैंक एंथनी ने Covid-19 महामारी के दौरान भारत द्वारा प्रदान की गई समय पर सहायता के लिए गहरी आभार व्यक्त किया है.

एक स्टडी में सामने आया है कि कोरोना से बचाव की वैक्सीन कोवैक्सीन (Covaxin) लेने वालों में से एक तिहाई को उसके साइड इफेक्ट से जूझना पड़ा है.

यह दावा एस्ट्राजेनेका द्वारा अदालत में स्वीकार किए जाने के कुछ ही दिन बाद आया है कि उसका टीका "बहुत ही दुर्लभ मामलों में" थ्रोम्बोसिस थ्रोम्बोसाइटोपेनिया सिंड्रोम या टीटीएस का कारण बन सकता है.

भारत में अधिकतर लोगों को एस्ट्राजेनेका की कोविशील्ड वैक्सीन लगी है. ऐसे में सवाल है कि 'टीटीएस' क्या समस्या है और जिन्हें ये टीका लगा हुआ है उनमें हार्ट अटैक या स्ट्रोक का जोखिम बढ़ गया है? आइए समझते हैं.

जिस TTS बीमारी का जिक्र एस्ट्राजेनेका ने अपने दस्तावेजों में किया है, वह एक तरह का सिंड्रोम है. जिसे थ्रोम्बोसाइटोपेनिया सिंड्रोम कहते हैं. ये सिंड्रोम शरीर में खून के थक्के जमने की वजह बनते हैं.

हृदय रोग विशेषज्ञ प्रोफेसर डॉक्टर गर्ग ने कहा कि एशिया के प्रसिद्ध हैदराबाद पेसमेकर विशेषज्ञ सी. नरसिम्हन ने कहा कि अचानक मौत का कारण अनियमित और तेज दिल की धड़कन है.

खबर में कहा गया है कि जांचकर्ताओं के अनुसार, 29 वर्षीय युवक ने बहस के दौरान बेल्ट से बोतिकोव का गला घोंट दिया और भाग गया.

Lucknow: देश कोरोना महामारी के खतरनाक दिन देख चुका है. न केवल लखनऊ बल्कि पूरा प्रदेश और देश इस त्रासदी से किस तरह निपटा है ये तो सभी जानते हैं.