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Delhi High Court

केंद्र एवं दिल्ली राज्य स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक ने कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर दिल्ली के भंडारण गृहों में दवाओं की उपलब्धता के साथ उसकी आपूर्ति का विवरण दिया था.

वकील उन कारणों से निराश हो रहा था, जिनके बारे में वह अच्छी तरह जानता था, उसकी दृष्टि बहुत कमजोर थी और वह पढ़ने और लिखने में असमर्थ था.

न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला ने कहा कि प्रो-कुलपति और फिर कार्यवाहक कुलपति के पद पर प्रोफेसर हुसैन की नियुक्ति कानून के अनुरूप नहीं है।

डॉक्टरों के कई संगठनों द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि पतं​जलि के उत्पाद कोरोनिल को केवल प्रतिरक्षा बढ़ाने वाली दवा के रूप में लाइसेंस दिया गया था, जबकि बाबा रामदेव का दावा इसके विपरीत है.

कोर्ट ने कहा कि भले ही एनएससीएन (आईएम) को आतंकी संगठन घोषित करने की औपचारिक घोषणा न हुआ हो, लेकिन मासासोसांग के खिलाफ लगाए गए आरोप काफी गंभीर हैं.

दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने सीबीआई और ईडी दोनों के मामलों में देरी के आधार पर जमानत की मांग की थी.

दिल्ली हाईकोर्ट ने यह फैसला अभियुक्त बिलाल अहमद मीर, सज्जाद अहमद खान, मुजफ्फर अहमद भट, मेहराज-उद-दीन चोपन एवं इश्फाक अहमद भट्ट की अपील पर दिया है, जिन्होंने अपनी सजा को चुनौती दी थी.

जनहित याचिका जैकब वडक्कनचेरी नामक व्यक्ति ने दायर की थी, जिसमें तर्क दिया गया था कि दवाएं साइड इफेक्ट्स के साथ आती हैं, जो बहुत नुकसान पहुंचाने की क्षमता रखती हैं और रोगी को एक सूचित विकल्प चुनने का अधिकार है.

याचिका में कहा गया है कि ‘इंडिया: द मोदी क्वेश्च’ नाम की डॉक्यूमेंट्री ने देश की छवि को खराब किया है. और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व भारतीय न्यायापालिका के खिलाफ झूठे व मानहानिकारक आरोप लगाए हैं.

न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा एवं न्यायमूर्ति रविंद्र डुडेजा की पीठ ने इसके साथ ही एकल पीठ के 31 जुलाई, 2023 के आदेश को चुनौती देने वाली कंपनी व सिंह की अपील को स्वीकार कर लिया.