देश में 17 साल बाद सबसे खराब मानसून! 15% कम हुई बारिश, चावल का उत्पादन 1 करोड़ टन घटने का खतरा
India Monsoon Update: भारत में इस साल मानसून की बारिश सामान्य से 15% कम रही है. अल नीनो के असर से बारिश कमजोर हुई जिससे खेती और बिजली उत्पादन पर संकट गहराया है.
रसोई पर मंडराया अल-नीनो का साया: चाय की चुस्की से लेकर दाल-सब्जी तक सब कुछ होने जा रहा है महंगा!
देश में जून के दौरान औसत से 40% कम बारिश दर्ज की गई है, जो पिछले 25 वर्षों में तीसरी सबसे कम बारिश है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, प्रशांत महासागर में सक्रिय हो रहा 'सुपर अल-नीनो' भारतीय मानसून को प्रभावित कर रहा है. इसके चलते आने वाले दिनों में दूध, डेयरी उत्पाद, दालें और हरी सब्जियां महंगी होने की आशंका बढ़ गई है.
WMO की बड़ी चेतावनी! भारत समेत दुनिया में सूखे का खतरा, मानसून पर मंडराया संकट
El Nino impact on India 2026: विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने अल नीनो के 90% तक सक्रिय रहने की आशंका जताते हुए सूखा, बाढ़ और हीटवेव का खतरा बताया है. हालांकि भारत में IOD और MJO सिस्टम सक्रिय रहने पर कमजोर मानसून के असर को काफी हद तक कम किया जा सकता है.
भारत भी सूखे की चपेट में आएगा? 80% तक बढ़ा ‘अल नीनो’ का खतरा, WMO की चेतावनी- 3 माह भयंकर सूखे की आहट
WMO Climate Warning: भारत समेत दुनियाभर में अगले 3 महीने सूखा पड़ने की आशंका है. UN की मौसम एजेंसी 'विश्व मौसम विज्ञान संगठन' (WMO) ने अल नीनो को लेकर 80% खतरे की चेतावनी जारी की है.
धरती पर बढ़ेगा गर्मी का प्रकोप: अगले 5 साल टूट सकते हैं तापमान के सारे रिकॉर्ड, ‘अल नीनो’ लाएगा बड़ी तबाही?
CLIMATE ALERT: विश्व मौसम विज्ञान संगठन की चेतावनी, अगले 5 वर्षों में दुनिया का तापमान रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचेगा. 2027 के सबसे गर्म वर्ष होने की 86% संभावना है.
दुनिया नें 2024 का ‘मार्च महीना’ सबसे गर्म, अप्रैल-जून में और चढ़ सकता है पारा, जानें इसके पीछे की वजह
एक रिपोर्ट के अनुसार, पृथ्वी की वैश्विक सतह का तापमान 1850-1900 के औसत की तुलना में पहले ही लगभग 1.15 डिग्री सेल्सियस बढ़ चुका है





