जब पाकिस्तान से मनमोहन सिंह से मिलने आया था उनका दोस्त, जानें अपने साथ क्या खास लेकर आया था
डॉ. मनमोहन सिंह का जन्म 26 सितंबर, 1932 को अविभाजित भारत के पंजाब क्षेत्र के एक गांव गाह में हुआ था, जो अब पाकिस्तान का हिस्सा है. 1947 में विभाजन के कारण उनका परिवार अपने पैतृक घर और दोस्तों को पीछे छोड़कर भारत आ गया.
Manmohan Singh को श्रद्धांजलि देते हुए एंटनी ब्लिंकन, हामिद करजई, लूला दा सिल्वा, महिंदा राजपक्षे, प्रचंड जैसे वैश्विक नेताओं ने क्या कहा
Manmohan Singh भारत के 1991 के आर्थिक सुधारों के निर्माता के रूप में विख्यात थे. वित्त मंत्री और बाद में प्रधानमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल ने भारत के आर्थिक परिदृश्य को बदल दिया, इसकी नीतियों का आधुनिकीकरण किया और राष्ट्र को वैश्विक अर्थव्यवस्था में एकीकृत किया.
‘चुनौतीपूर्ण समय में डॉ. Manmohan Singh ने देश को वित्तीय संकट से उबारा’, PM Narendra Modi ने दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि
भारत के 14वें प्रधानमंत्री और सबसे प्रसिद्ध अर्थशास्त्रियों में से एक डॉ. मनमोहन सिंह का गुरुवार (26 दिसंबर) रात दिल्ली एम्स में 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया.
1991 के आर्थिक सुधार: अर्थव्यवस्था जब पतन के कगार पर थी, तब Manmohan Singh ने उसे कैसे संभाला
वित्त मंत्री के रूप में मनमोहन सिंह ने 1991 में आर्थिक सुधारों को शुरू करने का फैसला किया, जो उदारीकरण, निजीकरण और भारत की अर्थव्यवस्था को खोलने पर केंद्रित थे.
Siyasi Kissa: जब किराया न चुका पाने के कारण मकान मालिक ने पूर्व प्रधानमंत्री का सामान घर के बाहर फिंकवा दिया था
उस जमाने में तमाम ऐसे नेता रहे हैं, जिनके राजनीति में आने की बाद उनकी संपत्ति नहीं बढ़ी, न ही उन्होंने अपने परिवार के सदस्यों के लिए राजनीति तक पहुंच को आसान बनाया. यही नहीं तमाम ऐसे भी रहे, जिनके पास अपना कोई घर नहीं रहा, बल्कि वे ताउम्र किराये के मकानों में गुजर-बसर करते रहे.





