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global trade

भारत का निर्यात अप्रैल में सालाना आधार पर 13.6 प्रतिशत बढ़कर 80.8 अरब डॉलर हो गया है, इसमें गुड्स की हिस्सेदारी 43.56 अरब डॉलर और सर्विसेज की हिस्सेदारी 37.2 अरब डॉलर रही है.

भारत का व्यापार घाटा जून 2025 में घटकर 18.78 अरब डॉलर रहा गया. वहीं, निर्यात इससे ज्‍यादा का हुआ, जो कि 35.14 अरब डॉलर दर्ज किया गया. आंकड़ों के मुताबिक, सर्विस सेक्‍टर का सरप्लस 15.62 अरब डॉलर दर्ज हुआ.

भारतीय उत्पादों की वैश्विक मांग तेजी से बढ़ रही है, लेकिन लंबी डिलीवरी और महंगी शिपिंग से निर्यातकों को नुकसान हो रहा है. ओवरसीज वेयरहाउस मॉडल इन चुनौतियों का समाधान बन सकता है.

2024 में चीन और भारत ने वैश्विक व्यापार औसत से बेहतर प्रदर्शन किया है. वहीं 2024 में दुनिया का कुल व्यापार 33 ट्रिलियन डॉलर पर पहुंचा. भारत और चीन ने वैश्विक औसत से ज्यादा वृद्धि दर्ज की.

Goods Export: केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत इस साल 800 अरब डॉलर से अधिक का निर्यात करेगा. सरकार निर्यातकों के भविष्य को सुनिश्चित करने और देश के हितों की रक्षा करने में प्रतिबद्ध है.

भारत का कृषि निर्यात नए बाजारों तक पहुंचकर तेजी से बढ़ा है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि हुई है, खाद्य प्रसंस्करण और कृषि निर्यात में निरंतर वृद्धि से देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है.