क्या ‘आइसोस्टेटिक बैलेंस’ बनेगा हिमालय में महाविनाश की वजह? जानिए क्या कहते हैं भूगर्भीय आंकड़े
IIT Kanpur Study: ग्लेशियरों के पिघलने और भूजल दोहन के कारण हिमालयी क्षेत्र का भूगर्भीय संतुलन बिगड़ रहा है. IIT कानपुर के वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि इस अनलोडिंग प्रक्रिया से आने वाले समय में भीषण भूकंप आ सकते हैं.
सुप्रीम कोर्ट ने हिमालय में पर्यावरणीय स्थितियों के बिगड़ने से जुड़े मामले में फैसला को रखा सुरक्षित
सुप्रीम कोर्ट ने हिमालय में पर्यावरणीय स्थितियों के बिगड़ने से जुड़े मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया है. जस्टिस विक्रमनाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ 23 सितंबर को फैसला सुनाएगी. एमिकस क्यूरी ने कोर्ट को बताया कि राज्य सरकार की रिपोर्ट में कोई ऐसा मुद्दा नहीं.
बेतहाशा निर्माण से बढ़ा पहाड़ों में बादल फटने का खतरा, वैज्ञानिकों ने दी चेतावनी
उत्तराखंड जैसे संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्र में अनियंत्रित निर्माण और जंगल कटाई ने पर्यावरणीय संतुलन को बिगाड़ कर बादल फटने और भूस्खलन जैसी आपदाओं का खतरा बढ़ा दिया है. विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि अगर यह रफ्तार न रुकी तो पहाड़ों में भारी तबाही हो सकती है.
5वां हिमालय हिंद महासागर राष्ट्र समूह अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन: डॉ. इंद्रेश कुमार बोले- संपूर्ण समाज के कल्याण के लिए काम करता है भारत
दिल्ली में आज 5वें हिमालय हिंद महासागर राष्ट्र समूह सम्मेलन का उद्घाटन हुआ, जिसमें भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों के बीच सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की गई.
Kailash Mansarovar Yatra: हिंदुओं के लिए चीन फिर खोलेगा कैलाश मानसरोवर का रूट, गर्मियों में शुरू होगी यात्रा
Kailash Mansarovar Yatra 2025: भारत और चीन ने कैलाश मानसरोवर यात्रा 2025 में फिर से शुरू करने का फैसला लिया है. दोनों देशों के बीच सीमा विवाद पर सहमति बनने के बाद यह यात्रा फिर से शुरू होगी.
Mount Everest: दुनिया की सबसे ऊंची चोटी फतह करने के लिए अब देनी होगी ज्यादा रकम, नेपाल ने बढ़ाया परमिट शुल्क
Permit Fee for Hiking at Mount Everest: नेपाल ने माउंट एवरेस्ट और माउंट कोमोलांगमा पर चढ़ाई के लिए परमिट शुल्क बढ़ाया, जो 36% तक बढ़ गया है.
वह चरवाहा जिसके बिना अंग्रेज नहीं बना सकते थे UNESCO द्वारा घोषित विश्व धरोहर ‘कालका-शिमला रेलमार्ग’
कालका-शिमला रेलमार्ग 102 सुरंगों से होकर गुजरता है, जिनमें से सबसे लंबी सुरंग 1,000 मीटर से भी ज्यादा लंबी है. यूनेस्को द्वारा घोषित विश्व धरोहर 'टॉय ट्रेन', हरे-भरे मेपल, देवदार और चीड़ के जंगलों के बीच से होकर 864 पुलों को पार करती है.
प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर पर्वतीय चोटियां, ताजे पानी की झील और शांति स्तूप… पोखरा में लीजिए हरियाली का आनंद
हिमालय के आंचल में बसा नेपाल का पोखरा अपने अद्भुत प्राकृतिक सौंदर्य, झीलों, पर्वतीय चोटियों और शांतिपूर्ण वातावरण के लिए मशहूर है. आप यहां पोखरा शांति स्तूप, सारंगकोट, फेवा झील को विजिट कर सकते हैं.
14000 फीट ऊपर पहली बार इतनी भीड़: मानसरोवर की तरह आदि कैलाश की बर्फीली वादियों में भोले के दर्शन कर रहे भक्त
आदि कैलाश यात्रा बहुत ही दुर्गम और कठिन होती है, क्योंकि यहां हवा में ऑक्सीजन की कम मात्रा के चलते सांस लेना मुश्किल होता है. यह 14 हजार फीट से भी अधिक ऊंचाई पर है. उत्तराखंड में चार धाम की तरह भक्तों को यहां की यात्रा भी भा रही है —
Har Shikhar Tiranga: भारतीय सेना के जांबाजों ने सिर्फ 10 दिन में फतह की हिमालय की ये बर्फीली चोटी, देखिए कैसे फहराया तिरंगा
Har Shikhar Tiranga Mission: भारतीय सेना की ओर से हिमालयन चोटी पर तिरंगा लहराने वाले जांबाजों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की गई हैं. यहां आप देख सकते हैं कि किन-किन जवानों ने यह कारनामा किया...





