आखिर उज्जैन में ही क्यों जलाई जाती है पहली होलिका? जानें क्या है महाकाल के नगरी की परंपरा
महाकाल की नगरी उज्जैन में 2 मार्च को होलिका दहन के साथ होली की शुरुआत होगी. 3 मार्च को चंद्र ग्रहण के कारण मंदिर की पूजा और आरती के समय में बदलाव किया गया है.
Holika Dahan Shubh Muhurat: क्या ग्रहण के साये में जलेगी होलिका? जानें 3 मार्च का सबसे सटीक शुभ मुहूर्त और नियम
साल 2026 की होली पर खगोलीय और ज्योतिषीय गणनाओं ने भक्तों को उलझन में डाल दिया है. 3 मार्च को भद्रा और चंद्र ग्रहण एक साथ होने के कारण होलिका दहन के समय में बदलाव हुआ है. ग्रहण की शुद्धि के बाद शाम 06:47 बजे से दहन का मुहूर्त शुरू होगा.





