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india russia relations

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आगामी भारत दौरे से पहले राजधानी नई दिल्ली में तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है.ये दौरा दोनों देशों के बीच सामरिक, आर्थिक और रक्षा सहयोग को और मजबूत करने के लिहाज़ से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इस दौरे को लेकर हो रही तैयारियों को लेकर देखें हमारे संवाददाता कृष्णमोहन शर्मा की ये खास रिपोर्ट।

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दो दिवसीय राजकीय यात्रा पर भारत पहुंचे, जहाँ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया. मोदी ने सोशल मीडिया पर कहा कि अपने दोस्त का स्वागत कर उन्हें बहुत खुशी हुई.

Putin India Visit: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का भारत में जोरदार स्वागत हुआ. पीएम मोदी ने उन्‍हें एयरपोर्ट पर गले लगाया, दोनों ने एक ही कार में सवारी की. दोनों की खुशी चेहरे पर झलकी, उन्‍होंने सांस्कृतिक कार्यक्रम भी देखा.

रूसी राष्ट्रपति पुतिन भारत दौरे पर हैं. दिल्‍ली में उनकी पीएम मोदी से मुलाकात होगी. दोनों राजनेताओं के बीच यूक्रेन युद्ध, व्यापार विस्तार और रक्षा सहयोग पर चर्चा होने के आसार हैं. भारत को व्यापार घाटा कम होने की उम्मीद है.

भारत और रूस की दोस्ती दशकों पुरानी है और यह केवल राजनीतिक या आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं है. दोनों देशों ने रक्षा, परमाणु ऊर्जा, अंतरिक्ष, विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में मजबूत साझेदारी स्थापित की है.

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 4-5 दिसंबर को पीएम मोदी के निमंत्रण पर भारत आएंगे. इस दौरे में तेल खरीद, रक्षा सहयोग और व्यापार जैसे अहम मुद्दों पर गहन चर्चा और रणनीतिक समझौते होने की संभावना है.

रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका की सराहना की है. डिफेंस एक्सपर्ट हेमंत महाजन के अनुसार, पुतिन का यह समर्थन भारत-रूस संबंधों और वैश्विक तेल बाजार में स्थिरता बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है.

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) ने पिछले हफ़्ते भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) के साथ टेलीफ़ोन पर बातचीत की, जिसमें रूस और भारत के बीच मज़बूत संबंधों पर चर्चा की गई.

पीएम मोदी ने अपने 75वें जन्मदिन पर बधाई देने के लिए पुतिन का आभार जताया. उन्‍होंने विश्‍वास जताया कि भारत-रूस साझेदारी और मजबूत होगी. यूक्रेन संकट के शांतिपूर्ण समाधान के लिए भारत अपना योगदान देने को तैयार है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ये कहकर भारत को 50% टैरिफ का शिकार बनाया था कि भारत रूस से बहुत सारा तेल खरीद रहा है और उस पैसे से रूस को ताकत मिल रही है. मगर, आंकड़े गवाही दे रहे हैं कि भारत तो यूक्रेन का सबसे बड़ा डीजल सप्लायर देश है.