पिंगली वेंकैया: तिरंगे के रचयिता को ही राष्ट्रध्वज नसीब न हुआ!
कांग्रेस के एक अधिवेशन के पिंगली वेंकैया ने राष्ट्रध्वज की आवश्यकता पर बल दिया था. उनका यह विचार महात्मा गांधी को बहुत पसंद आया. उन्होंने उन्हें राष्ट्रीय ध्वज का प्रारूप तैयार करने का सुझाव दिया था.
बांग्लादेश के संदेश को गंभीरता से लिया जाए
शेख़ हसीना द्वारा प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन ‘जमात-ए-इस्लामी’ हाल में सेना के साथ सरकार बनाने की बातचीत करने वाली टीम का महत्वपूर्ण हिस्सा था.
FDI In India: देश के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में विदेशी निवेश 165 अरब डॉलर के पार, 10 साल में हुई इतनी ज्यादा बढ़ोतरी
FDI in India Manufacturing Sector : देश के वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने बताया कि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 10 वर्षों (2014-24) में विदेशी इक्विटी निवेश 69% बढ़कर 165.1 अरब डॉलर हो गया है.
जानें कौन हैं भारत की दिग्गज महिला विकेटकीपर और क्रिकेट ने कैसे बदली उनकी जिंदगी?
उनके परिवार ने क्रिकेट खेलने के लिए उनको काफी सहयोग दिया, लेकिन उनके ऊपर अपनी पढ़ाई को भी जारी रखने की शर्त लागू थी.
जानें क्या होता है कूलिंग पीरियड? CJI चंद्रचूड़ ने किया जिक्र
मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि जजों को राजनीति में जाना चाहिए या नहीं, यह मामला अलग है.
भारत छोड़ो आंदोलन: 1942 में आज ही के दिन महात्मा गांधी ने दिया था ‘करो या मरो’ का नारा
महात्मा गांधी ने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के बॉम्बे अधिवेशन में ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ को नई दिशा दी. इस आंदोलन ने ही देशवासियों को ब्रिटिश शासन के खिलाफ जुटने के लिए प्रेरित किया.
SIMI पर पांच साल के लिए प्रतिबंध रहेगा बरकरार, न्यायिक न्यायाधिकरण का फैसला
बीते जनवरी महीने में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक अधिसूचना जारी कर सिमी पर प्रतिबंध को पांच साल के लिए और बढ़ा दिया था और इसे गैरकानूनी संगठन घोषित किया था.
देश के इस हिस्से में 15 नहीं 16 अगस्त को मनाते हैं स्वतंत्रता दिवस, जाने क्या है वजह?
इस दिन यहां के लोग नए-नए कपड़े पहनते हैं, एक दूसरे से गले मिलते हैं और आपस में मिठाईयां बांटते हैं.
पीएम मोदी ने भारतीय अर्थव्यवस्था पर जारी किया बिग बैंग नंबर, बताया विकास का पूरा खाका
पीएम मोदी ने जो आंकड़ा नमो ऐप पर जारी किया है, उसके अनुसार 2024-25 की पहली तिमाही में, भारत में निर्मित ऐप्पल आईफोन का निर्यात 3.8 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है.
ब्रिटेन में शरण मिलने तक शेख हसीना रहेंगी भारत में; 49 साल पहले का इतिहास दोहराया, जानें तब क्या हुआ था बांग्लादेश में?
हसीना की बहन रेहाना भी हैं, जो ब्रिटेन की नागरिक हैं.







