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Indian Cinema

इस साल भारतीय सिनेमा में कई अभिनेत्रियों ने अपने दमदार अभिनय और मजबूत किरदारों से दर्शकों का दिल जीत लिया. कॉमेडी, रोमांस, ड्रामा और ऐतिहासिक फिल्मों में इन एक्ट्रेसेज की परफॉर्मेंस सालभर चर्चा में रही.

Vinod Kapri's 'Pyre' Movie: कनाडा के टोरंटो में Vinod Kapri की फिल्म ‘Pyre’ ने MISAFF में Best Feature Film और Best Music जीता. पुरस्कार Deepa Mehta ने प्रदान दिए.

Birth Centenary of Ritwik Ghatak: आज महान फिल्म निर्माता ऋत्विक घटक की जन्मशती है. विभाजन की पीड़ा को अपनी फिल्मों में उतारने वाले घटक का योगदान IFFM 2025 सहित दुनिया भर में याद किया जा रहा है.

जय-वीरू की जोड़ी हो या गब्बर सिंह या फिर ठाकुर या बसंती, 1975 में आई फिल्म 'शोले' का हर एक किरदार ऐसा था, जिसे आज भी भुलाया नहीं जा सका है. इस फिल्म में एक कैरेक्टर रहीम चाचा का भी था, जिनका डायलॉग 'इतना सन्नाटा क्यों है भाई' काफी फेमस रहा.

बीना राय, जिन्होंने 'अनारकली' से दिलों पर राज किया, 1950 के दशक में 1.5 लाख रुपये फीस लेने वाली सबसे महंगी अभिनेत्री थीं. उन्होंने 'मुगल-ए-आजम' को करने से इनकार कर अपनी शर्तों पर काम किया.

'रंग दे बसंती' और 'भाग मिल्खा भाग' जैसी फिल्मों के निर्देशक राकेश ओमप्रकाश मेहरा ने भारतीय सिनेमा को नई दिशा दी है. दिल्ली की गलियों से निकले इस फिल्ममेकर की कहानी प्रेरणादायक है, जो दिखाती है कि सिनेमा सिर्फ मनोरंजन नहीं, समाज का दर्पण भी हो सकता है.

भारतीय सिनेमा ने फिल्मों के माध्यम से ऐसी महिलाओं के संघर्ष, सशक्तीकरण और सामाजिक रूढ़ियों को तोड़ने की कहानियों को प्रभावी ढंग से पर्दे पर उतारा है.

78वें कान फिल्म समारोह में अभय सिन्हा को इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ फिल्म प्रोड्यूसर का उपाध्यक्ष चुना गया. यह भारतीय सिनेमा का सम्मान है. इंपा ने कान में स्टॉल लगाकर छोटे निर्माताओं को वैश्विक मंच दिया.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुंबई में WAVES शिखर सम्मेलन का उद्घाटन किया, जहां उन्होंने भारत की रचनात्मक अर्थव्यवस्था और सिनेमाई परंपरा की सराहना की.

मनोज कुमार का निधन शुक्रवार को मुंबई में हुआ. वे 87 साल के थे. 'भारत कुमार' के नाम से मशहूर मनोज कुमार की देशभक्ति फिल्मों का योगदान भारतीय सिनेमा में अमूल्य रहेगा.