Bharat Express DD Free Dish
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital

indian economy

देश के दो मेट्रो शहरों दिल्ली और मुंबई में प्रॉपर्टी की कीमतों में हुई बढ़ोतरी ने दुनिया के कई बड़े शहरों को पीछे छोड़ दिया है.

वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट में कहा गया है, "कृषि उत्पादन में सुधार और मुद्रास्फीति में गिरावट से निजी खपत वृद्धि को लाभ मिल सकता है. चालू व्यय को कम करने के सरकार के लक्ष्य के अनुरूप सरकारी खपत में थोड़ी धीमी हो सकती है."

संयुक्त राष्ट्र की वैश्विक आर्थिक निगरानी शाखा के प्रमुख हामिद रशीद ने बीते दिनों कहा कि कम मुद्रास्फीति, मजबूत निर्यात और विदेशी निवेश में वृद्धि से भारतीय अर्थव्यवस्था तेज गति से बढ़ रही है.

पीएम मोदी का सपना है कि भारत 5 ट्रिलियन डॉलर की जीडीपी के साथ दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बने. ऐसे में अगर भारत जापान से आगे निकल जाता है तो इस दिशा में यह बड़ी सफलता होगी.

भारत को वर्ष 2047 तक विकसित देशों की श्रेणी में शामिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वर्ष 2027 तक भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा, ऐसी संभावना भी व्यक्त की जा रही है।

डॉ. हेडगेवार ने कभी पेशेवर डॉक्टर के रूप में कार्य नहीं किया। वे देश की स्वतंत्रता और सेवा हित में चलाये जाने वाले कार्यक्रमों से जुड़कर अध्ययन करते थे। उनके द्वारा स्थापित किया गया संघ आज विश्व के सबसे बड़े सांस्कृतिक संगठन के रूप में सामने खड़ा है।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) देश का केंद्रीय बैंक है, जो बैंक नोटों को रेगुलेट करने, मौद्रिक स्थिरता बनाए रखने और देश की क्रेडिट और मुद्रा प्रणाली के संचालन के लिए जिम्मेदार होता है.

Video: 13 March 2024 का दिन भारतीय निवेशकों के लिए काला दिन साबित हुआ है. एक ही दिन में निवेशकों के करीब 14 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो गए. इसका कारण था SEBI प्रमुख माधबी पुरी बुच का वह बयान, जिसने भारतीय शेयर बाजार में खलबली मचा दी.

हाल ही में SEBI Chief Madhabi Puri Buch ने छोटी और मझोली मिड-कैप कंपनियों के वैल्यूएशन पर बयान दिया था, जिसमें कहा गया था कि इसमें नजर आ रही खामियां Bubbles (बुलबुले) की तरह हैं, जो कभी फूट भी फूट सकते हैं.

Innovation in India: भारत ने पिछले कुछ वर्षों से इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए कई कार्यक्रम शुरू किए हैं फिर भी वैश्विक मानकों को छूने के लिए सरकार को उद्योग जगत, विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और पेशेवरों के साथ मिलकर एक बेहतर माहौल बनाना होगा.