‘नागरिकों को दूसरे दर्जे का बनाने वाली प्रक्रिया मंजूर नहीं’: नालसार में SIR विवाद पर भड़के सुप्रीम कोर्ट के जज उज्ज्वल भुइयां
नालसार यूनिवर्सिटी में बोलते हुए जस्टिस उज्ज्वल भुइयां ने कहा कि चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया से लाखों नागरिकों का वोट अधिकार छीनना मनमाना है और यह संविधान पर सीधा हमला है.
केस को दूसरी बेंच में ट्रांसफर करने पर सुप्रीम कोर्ट में तकरार: पूछा- बिना जानकारी दिए लिस्ट से क्यों हटाया?
सुप्रीम कोर्ट में केस ट्रांसफर पर कलह शुरू हो गई. सुनवाई से ठीक पहले लिस्ट से केस हटाने पर जस्टिस भुइयां की बेंच ने सवाल उठाए. सीजेआई के प्रशासनिक आदेश पर विवाद क्यों हुआ, जानें
कस्टोडियल डेथ और एनकाउंटर पर भड़के जस्टिस उज्ज्वल भुइयां, बोले- संवैधानिक व्यवस्था में शॉर्टकट मंजूर नहीं
सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस उज्ज्वल भुइयां ने हिरासत में हिंसा और कथित एनकाउंटर पर जताई चिंता. कहा- जांच की कमियां छिपाने के लिए अपनाए जा रहे हैं शॉर्टकट.
असहमति के लिए सिमटते सार्वजनिक स्थान और शांतिपूर्ण विरोध पर कार्रवाई चिंताजनक- जस्टिस उज्जल भुइयां
सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस उज्जल भुइयां ने भोपाल स्थित नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में आयोजित जस्टिस जी.पी. सिंह स्मृति व्याख्यान में कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए न्यायपालिका की स्वतंत्रता, विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता अत्यंत आवश्यक हैं.
सुप्रीम कोर्ट ने 199 एमबीबीएस-पीजी सीटें कीं बहाल, जामिया हमदर्द के रजिस्ट्रार कर्नल ताहिर मुस्तफ़ा को सौंपा सभी वित्तीय प्रभार
शीर्ष अदालत ने हमदर्द परिवार के झगड़े के बीच जामिया हमदर्द के हमदर्द इंस्टीट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज़ एंड रिसर्च (HIMSR) में 150 एमबीबीएस व 49 एमडी सीटों के लिए 'अनुमत्ति की सहमति' दी, सारी फ़ीस और लेखा सेना अधिकारी को जमा करने के आदेश दिए
सुप्रीम कोर्ट का एनएचएआई को झटका; कहा- वित्तीय बोझ का हवाला देकर किसानों का मुआवजा नहीं रोक सकते
सुप्रीम कोर्ट ने एनएचएआई की उस पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें 2019 के फैसले को भविष्य में लागू करने की मांग की गई थी.
सुप्रीम कोर्ट ने बलात्कार पीड़िता को 30 हफ्ते की गर्भवस्था को खत्म करने की दी अनुमति
सुप्रीम कोर्ट ने बलात्कार पीड़िता को 30 हफ्ते की गर्भावस्था समाप्त करने की अनुमति देते हुए कहा कि किसी भी महिला, विशेषकर नाबालिग लड़की को, उसकी इच्छा के खिलाफ गर्भ जारी रखने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता है.
जस्टिस उज्ज्वल भुइयां ने कहा- भारत का संविधान तभी जीवित रहेगा, जब अधिक साहसी और निडर न्यायाधीशों की नियुक्ति होगी
जस्टिस उज्ज्वल भुइयां ने कहा कि भारत का संविधान तभी जीवित रहेगा, जब न्यायपालिका में स्वतंत्र, साहसी और निडर न्यायाधीश होंगे. उन्होंने कानून के शासन और न्यायिक स्वतंत्रता को लोकतंत्र की नींव बताया.





