8 अप्रैल 1974: जब पटना की सड़कों पर उतरी थी ‘मौन क्रांति’: जेपी की जीवनी में कैद है लोकतंत्र की आजादी की गाथा
8 अप्रैल 1974 का दिन भारतीय राजनीति में अहिंसक संकल्प का प्रतीक है. सुप्रसिद्ध इतिहासकार बिमल प्रसाद और सुजाता प्रसाद की पुस्तक 'क्रांति का सपना' (वाणी प्रकाशन) जेपी के उस मौन जुलूस की याद दिलाती है.





