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Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
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Kumbh

रविवार को लाखों श्रद्धालुओं ने सुबह ही संगम में पवित्र स्नान किया. इसमें युवाओं, बुजुर्गों और बच्चों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. संगम पर श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) के निर्देश पर संगम स्नान के लिए सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए.

Maha Kumbh के इस भव्य आयोजन में 16 जनवरी को शंकर महादेवन, रवि, 17 को  महेश काले, 18 को पार्वती, 19 को सौनक चट्टोपाध्याय, 20 को श्री रामचंद्र, 21 को आदित्य सारस्वत, 22 को प्रतिभा सिंह बघेल जैसे कई कलाकार शामिल होंगे.

गौतम अडानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, यह हमारे लिए अपार संतुष्टि का विषय है कि इस महायज्ञ में प्रतिष्ठित संस्थान गीता प्रेस के सहयोग से हम ‘आरती संग्रह’ की एक करोड़ प्रतियां कुंभ में आए श्रद्धालुओं की सेवा में निःशुल्क अर्पित कर रहे हैं.

महाकुम्भ के सबसे बड़े आकर्षण और धर्म की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व त्यागने वाले नाग, बैरागी, उदासीन और अवधूत संतों से मिल कर मुख्यमंत्री ने उनका कुशल-क्षेम पूछा और व्यवस्थाओं का स्वतः निरीक्षण भी किया.

महाकुम्भ की वेबसाइट को हैंडल कर रही टेक्निकल टीम के प्रतिनिधि के अनुसार 4 जनवरी तक के डाटा के अनुसार अब तक 33 लाख 5 हजार 667 यूजर्स वेबसाइट पर आ चुके हैं. ये सभी यूजर्स भारत समेत पूरी दुनिया के 183 देशों से है.

नेत्र कुंभ की शुरुआत से अब तक करीब 5 लाख से अधिक लोगों की आंखों की जांच की जा चुकी है. आयोजकों का कहना है कि कुंभ मेले के समापन तक यह संख्या 10 लाख तक पहुंच सकती है.

पुलिस के जवानों की कागज पर दर्ज होने वाली हाजिरी महाकुम्भ में डिजिटल हाजिरी हो गई है. प्रशिक्षण ले रहे सभी पुलिस कर्मियों की अटेंडेंस बायोमेट्रिक तरीके से दर्ज हो रही है.

गंगापुरी महाराज का असली नाम छोटू बाबा है. वे असम के प्रसिद्ध कामाख्या पीठ से जुड़े हैं, जो तांत्रिक और शाक्त परंपराओं का केंद्र है.

अलोपी बाग स्थित अखाड़े के स्थानीय मुख्यालय से यह प्रवेश यात्रा निकाली गई. प्रवेश यात्रा में परम्परा, उत्साह और अनुशासन का खूबसूरत मेल देखने को मिला.

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने मंगलवार को बताया कि OPD में सोमवार (30 दिसंबर) को 848 मरीजों को इलाज उपलब्ध कराया गया. 35 रोगियों को भर्ती करने की जरूरत पड़ी.