Bharat Express DD Free Dish

Marathi language controversy

मराठी भाषा विवाद पर आधारित यह लेख बताता है कि भाषा संवाद का माध्यम है, न कि विवाद का कारण. ओशो और स्वामी चैतन्य कीर्ति के विचारों के साथ मराठी भाषा की सांस्कृतिक महत्ता, वर्तमान चुनौतियाँ और समाधान पर विस्तृत दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है.

भाषा विवाद के बीच शिवसेना (UBT) की किशोरी पेड़नेकर ने बड़ा बयान दिया है. भारत एक्सप्रेस से बातचीत में उन्होंने कहा, “मराठी एकजुट हो रही है, शिवसेना और मनसे एक हैं.” साथ ही उन्होंने सुधीर मुंगंटीवार पर निशाना साधते हुए कहा, पहले अपनी पार्टी में स्थिति मजबूत करें.

महाराष्ट्र में भाषा विवाद गरमाता जा रहा है. शिवसेना (UBT) सांसद अरविंद सावंत ने कहा, “हमारा विरोध हिंदी से नहीं, जबरदस्ती थोपने से है.” उन्होंने नई शिक्षा नीति पर सवाल उठाए। वहीं, MNS नेता संदीप देशपांडे ने भी मराठी अस्मिता की रक्षा की बात दोहराई।.मामला राजनीतिक रूप से तूल पकड़ चुका है.

राज ठाकरे ने दो टूक कहा कि हम हिंदी थोपने की कोशिश बर्दाश्त नहीं करेंगे. मराठी हमारी पहचान है और कोई भी इसे कमजोर नहीं कर सकता है.