‘एक नीरजा भनोट थीं, एक कैप्टन स्मित मछार हैं’, 40 साल बाद आसमान में फिर दिखा भारतीय जांबाज का पराक्रम
Captain Smit Machchhar: फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में जो हुआ, उसने कई लोगों को 1986 की उस घटना की याद दिला दी, जब एक भारतीय महिला ने सैकड़ों यात्रियों की जान बचाने के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी थी. तब नाम था नीरजा भनोट. आज चर्चा कैप्टन स्मित मछार की है.
22 साल की उम्र में मौत को दी मात, जानिए यात्रियों की ढाल बनीं नीरजा भनोट की अनकही कहानी
5 सितंबर 1986 को कराची में पैन एम फ्लाइट 73 के अपहरण के दौरान 22 वर्षीय नीरजा भनोट ने अदम्य साहस दिखाते हुए सैकड़ों यात्रियों की जान बचाई.
फ्लाइट अटेंडेट नीरजा भनोट को याद कर रहा है देश,अपनी जान देकर की थी विमान यात्रियों की रक्षा
नीरजा भनोट को आज पूरा देश याद कर रहा है..नीरजा भनोट एक फ्लाइट अटेंडेंड थी जिनकी 5 सितंबर 1986 को पैन एम विमान में सवार अपहरणकर्ताओं ने हत्या कर दी थी। इस हमले में नीरजा भनोट ने अपनी जान देकर 359 लोगों की जान बचा ली थी. नीरजा को मरणोपरांत देश के सर्वोच्च सैनिक सम्मान …







