West Bengal Election 2026 : ओवैसी के प्रत्याशी का Mamta पर तीखा हमला, लगाया बी-टीम होने का आरोप
ओवैसी की पार्टी के प्रत्याशी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने ममता बनर्जी पर “बी टीम” होने का आरोप लगाते हुए राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। प्रत्याशी का कहना है कि राज्य की मौजूदा राजनीति में जनता के असली मुद्दों को नजरअंदाज किया जा रहा है और सिर्फ राजनीतिक लाभ के लिए फैसले लिए जा रहे हैं। इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। देखिए इस पूरे मामले पर हमारे संवाददाता अतुल यादव की उनसे खास बातचीत।
बैठक से पहले Rohini Acharya का बड़ा बयान,RJD में घुसपैठियों का कब्जा
बिहार विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के भीतर पारिवारिक और राजनीतिक खींचतान एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। इस बार यह विवाद लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य के सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए उजागर हुआ है। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने पार्टी के मौजूदा नेतृत्व पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं और ‘लालूवाद’ की रक्षा के नाम पर कई तीखे आरोप लगाए हैं।
Tarique Rahman का Bangladesh आना, किसके लिए खतरे घंटी?
बांग्लादेश में तारिक रहमान की एंट्री ने शेख हसीना की टेंशन बढ़ा दी है. वहीं इससे पहले मोहम्मद यूनुस और उनकी टीम से उलझ रही आवामी लीग के लिए इसे एक और बड़ा झटका माना जा रहा है. क्योंकि तारिक की पार्टी बीएनपी बांग्लादेश की सबसे बड़ी पार्टी है और आने वाले चुनाव में तारिक रहमान को प्रधानमंत्री पद का मजबूत दावेदार माना जा रहा है. ऐसे में तारिक की ढाका वापसी ऐसे वक्त में हुई है, जब चुनाव के बीच शेख हसीना और उनकी पार्टी को फिर से सियासी मैदान में उतरने की उम्मीद जगी थी.
‘पीएम मोदी के नेतृत्व में मणिपुर तेजी से विकास पथ पर बढ़ेगा’
भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने पीएम मोदी के मणिपुर दौरे पर कहा कि उनके नेतृत्व में राज्य तेजी से विकास करेगा. उन्होंने अभिनेता विजय और सपा प्रमुख अखिलेश यादव की टिप्पणियों को गैरजिम्मेदाराना बताया.
जेडीयू नेता राजीव रंजन ने महाकुंभ-2025 पर विपक्ष को दी नसीहत, धार्मिक मामलों पर अनावश्यक टिप्पणी से बचने की कही बात
जेडीयू नेता राजीव रंजन ने महाकुंभ-2025 पर विपक्ष द्वारा की जा रही अनावश्यक टिप्पणियों पर नसीहत दी और कहा कि धार्मिक मामलों पर बिना सोचे समझे टिप्पणी करने से राजनीतिक दलों को जनता में अपनी जगह बनाना मुश्किल होता है





