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pilgrimage

Lohargal Surya Kund Pitru Paksha Pind Daan: राजस्थान के लोहार्गल स्थित सूर्यकुंड में पितृपक्ष पर पिंडदान का विशेष महत्व है. महाभारत काल में पांडवों के शस्त्र यहीं गले थे और परशुराम जी ने भी तर्पण किया था.

Andhra Pradesh Temple Road: आंध्र प्रदेश सरकार ने श्रद्धालुओं की राह आसान करने के लिए 'गुडी बाटा' परियोजना की शुरुआत की है. इसके तहत पंचायत राज विभाग ₹120 करोड़ की लागत से 205 किमी लंबा सड़क नेटवर्क तैयार कर रहा है.

मथुरा में विश्व हिंदू परिषद की ओर से शौर्य यात्रा आयोजित की गई। यह यात्रा मसानी वेद मंदिर से शुरू होकर शहर के विभिन्न हिस्सों से गुज़री, जहां लोगों ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। बड़ी संख्या में पुलिस तैनात की गई और ड्रोन कैमरों से निगरानी रखी गई। कथा वाचक देवकी नंदन महाराज ने शौर्य यात्रा के दौरान कहा कि मथुरा में भव्य मंदिर बनेगा जैसे अयोध्या में हुआ। उन्होंने बाबर की विचारधारा के खिलाफ कड़े शब्द कहे और सनातनियों के अधिकारों की बात की। शौर्य और इतिहास के प्रति यह यात्रा एक महत्वपूर्ण प्रतीक रही।

योगी सरकार ने महाकुंभ में न आ पाने वाले श्रद्धालुओं के लिए त्रिवेणी के पवित्र जल को 75 जिलों में पहुंचाने की पहल की है. अग्नि शमन विभाग 5 लाख लीटर जल की होम डिलीवरी करेगा.

नैमिषारण्य की 84 कोसी परिक्रमा फाल्गुन मास की प्रतिपदा से शुरू हुई, जिसमें हजारों श्रद्धालु, साधु-संत धर्म ध्वजा थामे यात्रा कर रहे हैं. प्रशासन ने सुरक्षा व सुविधाओं की व्यवस्था की है.

महाकुंभ का समापन श्रद्धा और संस्कृति की यादें छोड़ गया संगम की लहरों में आरती की गूंज बाकी है स्वच्छता कर्मियों का योगदान सराहनीय रहा, गंगा-यमुना की निर्मलता बनाए रखने का संकल्प लिया गया

महाकुंभ के समापन पर सीएम योगी ने 15 दिनों के विशेष स्वच्छता अभियान की शुरुआत की, जिससे संगम घाट, मंदिरों और सड़कों को स्वच्छ बनाया जाएगा ताकि श्रद्धालु निर्मल संगम में स्नान कर सकें.

महाशिवरात्रि पर 11.69 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन किए. योगी सरकार ने श्रद्धालुओं पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा कर इस अवसर को भव्य बना दिया.

महाशिवरात्रि स्नान पर्व पर प्रयागराज में नो-व्हीकल जोन लागू होगा. श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए घाटों पर विशेष व्यवस्था की गई है. आवश्यक सेवाओं को छूट दी गई है, भीड़ प्रबंधन कड़ा रहेगा.

महाशिवरात्रि भगवान शिव का प्रमुख पर्व है, जिसे फाल्गुन मास की कृष्ण चतुर्दशी को मनाया जाता है. इस दिन 12 ज्योतिर्लिंगों की पूजा का विशेष महत्व है, जिससे भक्तों को शिव का आशीर्वाद प्राप्त होता है.