युद्ध के बीच शांति का पिंडदान गयाजी में रूस-यूक्रेन के श्रद्धालुओं ने साथ किया श्राद्ध
बिहार का गयाजी हमेशा से ही मोक्षस्थली के रूप में पूजनीय रहा है. पितरों के उद्धार और श्राद्ध कर्म के लिए देशभर में कई तीर्थस्थल हैं पर बिहार का गयाजी सबसें पवित्र माना जाता है. ऐसी मान्यता है कि यहां पिंडदान करने से 108 कुल और सात पीढ़ियों का उद्धार होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है.
पितृ पक्ष 21 सितंबर तक: किसी मृत व्यक्ति की संतान न हो तो पत्नी कर सकती है श्राद्ध, पत्नी भी न हो तो कुटुंब लोग कर सकते हैं धूप-ध्यान
देशभर में पितृ पक्ष का पावन समय जारी है, जब परिवार अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध-धूप करते हैं. यह परंपरा सदियों से चली आ रही है और इसमें महिलाओं की भूमिका भी महत्वपूर्ण है.
Mahakumbh 2025: Naga Sadhu क्यों करते हैं खुद का पिंडदान, VIDEO में जानिए उनकी जिंदगी से जुड़े रहस्य
Prayagraj Mahakumbh 2025: शरीर पर भस्म, मस्तक पर त्रिपुंड, सिर पर जटाएं और आंखों में ज्वाला. यह है नागा साधुओं की असली पहचान... लेकिन क्या गृहस्थ से दूर रहने वाले नागा साधुओं की दुनिया वाकई वैसी होती है जैसा हमने उनके बारे में सुना है? जानिए उनसे जुड़े सवालों के जवाब..





