Bharat Express DD Free Dish
Pension Mission Shakti Digital
Pension Mission Shakti Digital

Pind Daan

पितृ पक्ष 2026 में 27 सितंबर को प्रतिपदा श्राद्ध से पूर्वजों के अनुष्ठान शुरू हो रहे हैं. जानिए प्रतिपदा तिथि के शुभ कुतुप और रौहिण मुहूर्त में तर्पण और पिंडदान का सही समय.

Meghankar Tirtha Pitru Paksha Shradh: महाराष्ट्र के खामगांव स्थित मेघंकर तीर्थ पर पितृपक्ष में पिंडदान का विशेष महत्व है. पैनगंगा तट पर बसे इस पावन धाम पर श्राद्ध से पितरों को मोक्ष मिलता है.

Pushkar Pitru Paksha Pind Daan significance: तीर्थ गुरु पुष्कर के 52 घाटों पर पितृपक्ष में तर्पण और पिंडदान का विशेष महत्व है. भगवान श्रीराम ने भी यहां पिता दशरथ का श्राद्ध और तर्पण किया था.

बिहार का गयाजी हमेशा से ही मोक्षस्थली के रूप में पूजनीय रहा है. पितरों के उद्धार और श्राद्ध कर्म के लिए देशभर में कई तीर्थस्थल हैं पर बिहार का गयाजी सबसें पवित्र माना जाता है. ऐसी मान्यता है कि यहां पिंडदान करने से 108 कुल और सात पीढ़ियों का उद्धार होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है.

देशभर में पितृ पक्ष का पावन समय जारी है, जब परिवार अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध-धूप करते हैं. यह परंपरा सदियों से चली आ रही है और इसमें महिलाओं की भूमिका भी महत्वपूर्ण है.

Prayagraj Mahakumbh 2025: शरीर पर भस्म, मस्तक पर त्रिपुंड, सिर पर जटाएं और आंखों में ज्वाला. यह है नागा साधुओं की असली पहचान... लेकिन क्या गृहस्थ से दूर रहने वाले नागा साधुओं की दुनिया वाकई वैसी होती है जैसा हमने उनके बारे में सुना है? जानिए उनसे जुड़े सवालों के जवाब..