Bharat Express DD Free Dish
Pension Mission Shakti Digital
Pension Mission Shakti Digital

युद्ध के बीच शांति का पिंडदान गयाजी में रूस-यूक्रेन के श्रद्धालुओं ने साथ किया श्राद्ध

बिहार का गयाजी हमेशा से ही मोक्षस्थली के रूप में पूजनीय रहा है. पितरों के उद्धार और श्राद्ध कर्म के लिए देशभर में कई तीर्थस्थल हैं पर बिहार का गयाजी सबसें पवित्र माना जाता है. ऐसी मान्यता है कि यहां पिंडदान करने से 108 कुल और सात पीढ़ियों का उद्धार होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है.

रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच शांति का पिंडदान

रेनुका पँवार


बिहार का गयाजी हमेशा से ही मोक्षस्थली के रूप में पूजनीय रहा है. पितरों के उद्धार और श्राद्ध कर्म के लिए देशभर में कई तीर्थस्थल हैं पर बिहार का गयाजी सबसें पवित्र माना जाता है ऐसी मान्यता है कि यहां पिंडदान करने से 108 कुल और सात पीढ़ियों का उद्धार होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है.

गयाजी विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला में इस बार अद्भुत दृश्य देखने को मिला रूस–यूक्रेन युद्ध के बीच गयाजी में एक साथ बैठकर दोनों देशों के श्रद्धालुओं ने पिंडदान किया और विष्णु भगवान का आशीर्वाद लिया.

जिला प्रशासन से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार अब तक करीब 25 लाख 19 हजार श्रद्धालु गयाजी पहुंचकर अपने पितरों का श्राद्ध कर चुके हैं फल्गु नदी तट स्थित देवघाट पर रूस यूक्रेन अमेरिका और स्पेन से आए कुल 17 विदेशी श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पिंडदान और तर्पण किया.

सभी विदेशी श्रद्धालु भारतीय परिधान में सजे-धजे अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए मंत्रोच्चार के बीच बैठकर पिंडदान करते दिखे विदेशी श्रद्धालुओं ने बताया कि गयाजी का विष्णुपद मंदिर और पितृपक्ष मेला हिन्दू संस्कृति का जीवंत प्रतीक है.

 विदेश से आई श्रद्धालु सियाना ने कहा कि गयाजी की आध्यात्मिक धरा और यहां की संस्कृति ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया है उन्होंने इसे जीवन का अविस्मरणीय अनुभव बताया पितरों के प्रति प्रेम श्रद्धा और आस्था ही इस पितृपक्ष की सबसे बड़ी पहचान है.

यह इस बात का प्रतीक भी है कि आस्था और संस्कृति की ताकत सीमाओं और परिस्थितियों से ऊपर होती है यह अनोखा संगम गयाजी की मोक्ष नगरी में पितरों के उद्धार की अनंत परंपरा को और भी जीवंत कर गया.

ये भी पढ़ें: भारत के 7 ऐसे ऐतिहासिक शहर, जो वक्त के साथ हो गए लुप्त लेकिन आज भी उनके वैभव की कहानियां जिंदी हैं

Also Follow Bharat Express on Instagram 

-भारत एक्सप्रेस 



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Pension Mission Shakti Digital