जुलाई तक PLI के तहत 806 परियोजनाओं को मंजूरी, 21,689 करोड़ रुपए के प्रोत्साहन वितरित: केंद्र
संसद में मंगलवार (19 अगस्त) को दी गई जानकारी के अनुसार, उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन (PLI) योजना के तहत अब तक 14 क्षेत्रों में 806 आवेदनों को मंजूरी दी गई है.
भारत का मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर बुनियादी ढांचे और नीतिगत प्रोत्साहन के साथ ऊपर उठने के लिए तैयार: रिपोर्ट
कुशमैन एंड वेकफील्ड द्वारा विनिर्माण और लॉजिस्टिक्स क्षेत्रों में सीईओ, प्लांट प्रमुखों और आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधकों सहित 94 टॉप लीडर्स के सर्वेक्षण के आधार पर रिपोर्ट में उद्योग के मजबूत आशावाद का उल्लेख किया गया है.
वित्त वर्ष 2026 की मजबूत शुरुआत, मोबाइल निर्यात अप्रैल-मई में 5.5 बिलियन डॉलर तक पहुंचा: अश्विनी वैष्णव
PLI जैसी सरकारी योजनाओं ने हाल के वर्षों में घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा दिया है, जिसमें एप्पल और सैमसंग जैसी वैश्विक तकनीकी दिग्गज कंपनियां देश में अपनी सप्लाई चेन को बढ़ाने पर दोगुना जोर दे रही हैं.
PLI योजना में 1.76 लाख करोड़ रुपए का निवेश, मार्च 2025 तक 12 लाख से अधिक पैदा हुए रोजगार
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि इस योजना में 1.76 लाख करोड़ रुपए का निवेश हुआ है, जिससे मार्च 2025 तक 16.5 लाख करोड़ रुपए से अधिक का उत्पादन/बिक्री और 12 लाख से अधिक (प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष) रोजगार सृजित हुए हैं.
फूड प्रॉसेसिंग सेक्टर के लिए PLI योजना से 2.5 लाख नौकरियों का सृजन, 9 लाख किसानों को मिला लाभ, 7,000 करोड़ रुपए का आया निवेश
केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के संयुक्त सचिव रंजीत सिंह ने कहा, "अब तक मंत्रालय ने लगभग 1,600 परियोजनाओं को फंड उपलब्ध करवाया है, जिससे 41 लाख टन फूड प्रॉसेसिंग क्षमता का सृजन हुआ है और लगभग नौ लाख किसानों को लाभ हुआ है."
PLI योजना के तहत केंद्र ने प्रोत्साहन स्वरूप 14,020 करोड़ रुपये किए वितरित, उद्योग जगत ने सराहा
इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, आईटी हार्डवेयर, बल्क ड्रग्स, मेडिकल डिवाइस, फार्मास्यूटिकल्स, टेलीकॉम प्रोडक्ट्स, फूड प्रोसेसिंग, व्हाइट गुड्स, ऑटोमोबाइल और ड्रोन सहित 10 क्षेत्रों में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए अपनी पीएलआई योजनाओं के तहत 14,020 करोड़ रुपये वितरित किए गए.
वित्त वर्ष 2025 में मोबाइल फोन निर्यात 1,80,000 करोड़ रुपये के होगा पार, PLI योजना का दिखेगा असर
इंडिया सेलुलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (ICEA) द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, इस वित्त वर्ष (अप्रैल-जनवरी) के 10 महीनों में भारत, मोबाइल निर्यात में 1,50,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जिसमें अकेले जनवरी में निर्यात 25,000 करोड़ रुपये से अधिक दर्ज हुआ है.
Unlocking Potential: पेट्रोकेमिकल इंडस्ट्री की ओर भारत के बढ़ते कदम, जानें क्या हैं संभावनाएं
Atmanirbhar Bharat News: भारत के पेट्रोकेमिकल उद्योग में निवेश और सुधार की आवश्यकता है, ताकि देश को आत्मनिर्भर बनाया जा सके. सुधारों से घरेलू उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में सफलता मिलेगी.
सरकार ने चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-सितंबर के दौरान 6 PLI योजनाओं में ₹1,596 करोड़ किए वितरित
कुल 1,596 करोड़ रुपये में से सबसे अधिक 964 करोड़ रुपये बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के लिए PLI योजना के तहत वितरित किए गए. इसके बाद फार्मा (604 करोड़ रुपये), फूड प्रोडक्ट (11 करोड़ रुपये), टेलिकॉम (9 करोड़ रुपये), बल्क ड्रग्स (6 करोड़ रुपये) और ड्रोन (2 करोड़ रुपये) का स्थान रहा.
PLI योजना के लिए तीसरे दौर में 24 कंपनियों से 3,516 करोड़ के निवेश प्रस्तावों को मिली मंजूरी
सरकार ने 2,299 करोड़ रुपये के प्रतिबद्ध निवेश के साथ वोल्टास और ल्यूमैक्स इंडस्ट्रीज जैसी 18 कंपनियों, 10 AC घटकों के निर्माता और आठ LED लाइट निर्माता, का चयन किया है.





