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PLI

संसद में मंगलवार (19 अगस्त) को दी गई जानकारी के अनुसार, उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन (PLI) योजना के तहत अब तक 14 क्षेत्रों में 806 आवेदनों को मंजूरी दी गई है.

कुशमैन एंड वेकफील्ड द्वारा विनिर्माण और लॉजिस्टिक्स क्षेत्रों में सीईओ, प्लांट प्रमुखों और आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधकों सहित 94 टॉप लीडर्स के सर्वेक्षण के आधार पर रिपोर्ट में उद्योग के मजबूत आशावाद का उल्लेख किया गया है.

PLI जैसी सरकारी योजनाओं ने हाल के वर्षों में घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा दिया है, जिसमें एप्पल और सैमसंग जैसी वैश्विक तकनीकी दिग्गज कंपनियां देश में अपनी सप्लाई चेन को बढ़ाने पर दोगुना जोर दे रही हैं.

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि इस योजना में 1.76 लाख करोड़ रुपए का निवेश हुआ है, जिससे मार्च 2025 तक 16.5 लाख करोड़ रुपए से अधिक का उत्पादन/बिक्री और 12 लाख से अधिक (प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष) रोजगार सृजित हुए हैं.

केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के संयुक्त सचिव रंजीत सिंह ने कहा, "अब तक मंत्रालय ने लगभग 1,600 परियोजनाओं को फंड उपलब्ध करवाया है, जिससे 41 लाख टन फूड प्रॉसेसिंग क्षमता का सृजन हुआ है और लगभग नौ लाख किसानों को लाभ हुआ है."

इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, आईटी हार्डवेयर, बल्क ड्रग्स, मेडिकल डिवाइस, फार्मास्यूटिकल्स, टेलीकॉम प्रोडक्ट्स, फूड प्रोसेसिंग, व्हाइट गुड्स, ऑटोमोबाइल और ड्रोन सहित 10 क्षेत्रों में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए अपनी पीएलआई योजनाओं के तहत 14,020 करोड़ रुपये वितरित किए गए.

इंडिया सेलुलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (ICEA) द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, इस वित्त वर्ष (अप्रैल-जनवरी) के 10 महीनों में भारत, मोबाइल निर्यात में 1,50,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जिसमें अकेले जनवरी में निर्यात 25,000 करोड़ रुपये से अधिक दर्ज हुआ है.

Atmanirbhar Bharat News: भारत के पेट्रोकेमिकल उद्योग में निवेश और सुधार की आवश्यकता है, ताकि देश को आत्मनिर्भर बनाया जा सके. सुधारों से घरेलू उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में सफलता मिलेगी.

कुल 1,596 करोड़ रुपये में से सबसे अधिक 964 करोड़ रुपये बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के लिए PLI योजना के तहत वितरित किए गए. इसके बाद फार्मा (604 करोड़ रुपये), फूड प्रोडक्ट (11 करोड़ रुपये), टेलिकॉम (9 करोड़ रुपये), बल्क ड्रग्स (6 करोड़ रुपये) और ड्रोन (2 करोड़ रुपये) का स्थान रहा.

सरकार ने 2,299 करोड़ रुपये के प्रतिबद्ध निवेश के साथ वोल्टास और ल्यूमैक्स इंडस्ट्रीज जैसी 18 कंपनियों, 10 AC घटकों के निर्माता और आठ LED लाइट निर्माता, का चयन किया है.