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Prayagraj

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज महाकुंभ की पूर्णाहुति के अवसर पर संगम तट पर स्वच्छता अभियान प्रारंभ किया. उन्होंने मंत्रिमंडल सहयोगियों संग गंगा सफाई की और श्रद्धालुओं को प्रेरित किया। साथ ही, साइबेरियन पक्षियों को दाना खिलाया और श्रद्धालुओं का अभिवादन किया.

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर लिखा, "महाकुंभ समाप्त हो गया... एकता का महायज्ञ पूरा हो गया. प्रयागराज में 45 दिनों तक एक समय में 140 करोड़ देशवासियों की आस्था का एक साथ आना अद्भुत है!

महाकुंभ 2025 में 10,000 लोगों ने सबसे लंबी हैंड प्रिंटिंग पेंटिंग बनाकर नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया. समुद्र मंथन के दृश्य को दर्शाने वाली यह पेंटिंग सामाजिक समरसता और एकता का प्रतीक बनी.

महाशिवरात्रि स्नान पर्व पर प्रयागराज में नो-व्हीकल जोन लागू होगा. श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए घाटों पर विशेष व्यवस्था की गई है. आवश्यक सेवाओं को छूट दी गई है, भीड़ प्रबंधन कड़ा रहेगा.

प्रयागराज महाकुंभ 2025 में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा, जहां हिमाचल के मुख्यमंत्री, ओडिशा के राज्यपाल, ईशा अंबानी और रवीना टंडन सहित कई गणमान्य लोगों ने संगम में आस्था की डुबकी लगाई.

प्रयागराज महाकुंभ-2025 का महाशिवरात्रि को अंतिम दिन है, आज सुबह से लाखों श्रद्धालुओं के आगमन, उनके जोश और श्रद्धा के साथ ही धार्मिक मेले के अंतिम दिन का आगाज हो गया है. 26 फरवरी को महाशिवरात्रि पर अंतिम स्नान होगा.

इस वर्ष महाकुंभ के दिव्य-भव्य आयोजन के साथ स्वच्छता के भी गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाए जा रहे हैं. इसी क्रम में अब मेला क्षेत्र के 4 जोनों में एक साथ 15 हजार स्वच्छता कर्मियों ने सफाई कर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है.

BONEY KAPOOR In Prayagraj: फिल्म निर्माता बोनी कपूर ने प्रयागराज आकर महाकुंभ में गंगा स्नान किया. यह यात्रा उनके जीवन का अविस्मरणीय अनुभव रही. उन्होंने अगले कुंभ आयोजन में भी शामिल होने की इच्छा जाहिर की.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज में संत गाडगे महाराज की 149वीं जयंती पर उन्हें सामाजिक न्याय और स्वच्छता का अग्रदूत बताया. उन्होंने संत गाडगे के विचारों को प्रधानमंत्री मोदी के स्वच्छता अभियान से जोड़ा और अगले वर्ष उनकी 150वीं जयंती को भव्य रूप से मनाने का संकल्प लिया.

महाकुंभ 2025 ने भारत की आध्यात्मिक धरोहर को विश्व स्तर पर प्रस्तुत किया है. युवा पीढ़ी भी अब धार्मिक परंपराओं से जुड़ने लगी है, जिससे आध्यात्मिक पर्यटन को एक नया आयाम मिला है.