आज देखिए बृजभूमि में हजारों साल पहले हुईं श्री राधा-कृष्ण की सचित्र बाल लीलाएं, ये अहसास करने दुनियाभर से आते हैं लोग
एक ओर दुनिया जहां ईरान-इजरायल-अमेरिका..पश्चिम एशिया में छिड़े सैन्य टकराव से चिंतित है, वहीं, दूसरी ओर करोड़ों सनातनी होली के हर्षोल्लास में डूबे हैं. भारतभर में हिंदू-मुस्लिम सिख और ईसाइयों के बीच जगह-जगह रंगों का उत्सव मनाया जा रहा है. ये परंपरा 5 हजार साल से ज्यादा पुरानी है, जिसका मूल श्रीराधा-कृष्ण हैं. देखें विशेष प्रस्तुति...
Navratri Day 5: आज की जाएगी मां दुर्गा के छठे स्वरूप मां कात्यायनी की पूजा-अर्चना, राधा-कृष्ण से जुड़ी है पौराणिक कथा
नवरात्र का पर्व शक्ति की साधना और देवी मां की आराधना का प्रतीक है. इन नौ दिनों में मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है. नवरात्र के छठवें दिन मां कात्यायनी की पूजा का विशेष महत्व है.
श्री राधा-कृष्ण ने कितने वर्ष की आयु तक रचाया था रास? कहां हुआ था दोनों का पहला मिलन?
Radha Krishna Love: पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, राधा और श्रीकृष्ण का पहला मिलन बरसाना और नंदगांव के बीच स्थित पवित्र स्थल संकेत तीर्थ पर हुआ था.
Krishna Janmashtami 2025: ये हैं TV पर श्रीकृष्ण का किरदार निभाने वाले वो सितारे, जिन्हें भगवान समझकर पूजने लगे थे लोग
जन्माष्टमी के पावन अवसर पर छोटे पर्दे पर भगवान श्री कृष्ण की भूमिकाओं को निभाने वाले अभिनेताओं की चर्चा विशेष है. ‘महाभारत’, ‘श्री कृष्णा’, ‘राधाकृष्ण’ और अन्य टीवी शो में कलाकारों ने कृष्ण की शरारत, प्रेम और उपदेशों को जीवंत कर दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई हैं.
Janmashtami 2025: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर ‘राधा-कान्हा सेल्फी प्रतियोगिता’, जीतें आकर्षक पुरस्कार
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 2025 पर घर-घर राधा-कान्हा सेल्फी प्रतियोगिता का आयोजन हो रहा है. बच्चों को राधा और कृष्ण के रूप में सजाकर उनकी तस्वीर खींचें, क्यूआर कोड स्कैन कर भेजें और जीतें आकर्षक पुरस्कार.
Rang Panchami 2025: कब है रंग पंचमी? जानिए देश भर में कैसे मनाई जाती है, क्या है परंपरा
होली के उत्सव के बाद आने वाली रंग पंचमी भारतीय संस्कृति में विशेष महत्व रखती है आइए जानते हैं रंग पंचमी 2025 की तारीख, और परंपराएं
ब्रजभूमि के मंदिरों में रंगोत्सव शुरू: यहां प्रेम, भक्ति और दिव्य आनंद की प्रतीक श्री राधा-कृष्ण की बाल लीलाएं सचित्र देखिए
Holi 2025 @ Krishna Leela: श्री राधा-कृष्ण की बाल लीलाएं प्रेम, भक्ति और दिव्य आनंद से भरपूर हैं. इन लीलाओं में भक्ति का मार्ग और अलौकिक प्रेम का संदेश मिलता है, जो सबके लिए मंगलकारी है.





