Bharat Express DD Free Dish

Radio Frequency

वैज्ञानिक सैकड़ों हजारों किलोमीटर दूर मौजूद सैटेलाइट और चांद से आसानी से संपर्क कर लेते हैं, लेकिन धरती पर मोबाइल नेटवर्क कुछ मीटर में ही जवाब दे देता है. इसकी वजह तकनीक नहीं बल्कि पावर सोर्स है, क्योंकि सैटेलाइट कम्युनिकेशन में बेहद ज्यादा एनर्जी का इस्तेमाल होता है, जबकि मोबाइल फोन सीमित बैटरी पर चलता है. टनल, बेसमेंट और मोटी कंक्रीट दीवारें रेडियो सिग्नल को रोक देती हैं, जिससे नेटवर्क गायब हो जाता है. मोबाइल टावर की फ्रीक्वेंसी तेज होती है, लेकिन फोन को ज्यादा पावर इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं होती. यही कारण है कि स्पेस से कनेक्शन आसान है, लेकिन अंडरपास में नेटवर्क टूट जाता है.