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पाकिस्तान में फिर हैवानियत! सिंध से 2 नाबालिग हिंदू बहनों का अपहरण, जबरन धर्म बदलकर मुस्लिम युवकों से कराया निकाह

Pakistan Hindu Minority: पाकिस्तान के सिंध प्रांत में दो हिंदू नाबालिग बहनों का अपहरण कर धर्म परिवर्तन कराया गया और फिर उनका निकाह करा दिया गया. मामला सिंध के टांडो अल्लाहयार जिले का है. जहां 13 वर्षीय रोपी और 14 वर्षीय सीता के परिवार ने आरोप लगाया है कि दोनों बहनों का अपहरण किया गया, फिर उनका धर्म परिवर्तन कराया गया.

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पाकिस्तान में 3 साल में 282 हिंदू लड़कियों का धर्म परिवर्तन

Pakistan Hindu Minority: पाकिस्तान में हिंदुओं की हालत कैसी है ये किसी से छिपी नहीं है. आए दिन हिंदू अल्पसंख्यकों की महिलाओं का अपहरण कर धर्मांतरण की खबरें आती रहती हैं. अब ऐसा ही एक मामला पाकिस्तान के सिंध प्रांत से सामने आया है. जहां दो हिंदू नाबालिग बहनों का अपहरण कर धर्म परिवर्तन कराया गया और फिर उनका निकाह करा दिया गया.

अब इस मामले को लेकर पाकिस्तान के अल्पसंख्यक अधिकार संगठन एकजुट हो गए हैं. इन संगठनों का कहना है कि यह कोई अकेली घटना नहीं है, बल्कि उन मामलों की लंबी श्रृंखला का हिस्सा है जिनमें हिंदू परिवारों ने अपनी बेटियों के अपहरण, धर्म परिवर्तन और जबरन निकाह के आरोप लगाए हैं.

मामला सिंध के टांडो अल्लाहयार जिले का है. वॉयस ऑफ पाकिस्तान माइनॉरिटी (VOPM) के अनुसार, 13 वर्षीय रोपी और 14 वर्षीय सीता के परिवार ने आरोप लगाया है कि दोनों बहनों का अपहरण किया गया, फिर उनका धर्म परिवर्तन कराया गया और दो मुस्लिम पुरुषों से निकाह करवा दिया गया.

अदालत की न्याय पर सवाल

मामले के सामने आने के बाद दोनों लड़कियों को अदालत में पेश किया गया, लेकिन उन्हें तुरंत परिवार के हवाले करने के बजाय एक सुरक्षित गृह भेज दिया गया. अधिकार संगठनों का दावा है कि अदालत परिसर के बाहर दोनों बहनें घर लौटने की इच्छा जताती दिखाई दीं. सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में भी लड़कियां अपने माता-पिता के पास वापस जाने की अपील करती नजर आती हैं.

इस घटना ने सिंध के हिंदू समुदाय में नाराजगी और चिंता बढ़ा दी है. स्थानीय समुदायों का कहना है कि अल्पसंख्यक परिवार अक्सर कानूनी और सामाजिक रूप से कमजोर स्थिति में होते हैं, जिससे ऐसे मामलों में न्याय की लड़ाई और कठिन हो जाती है.

संगठनों ने की ये मांग

अल्पसंख्यक अधिकार संगठन VOPM ने मांग की है कि लड़कियों के बयान किसी भी दबाव से मुक्त माहौल में दर्ज किए जाएं और उन्हें स्वतंत्र कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाए. संगठन ने मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की भी मांग की है.

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मानवाधिकार समूहों का दावा है कि पाकिस्तान में हिंदू और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों की लड़कियों से जुड़े ऐसे मामले लगातार सामने आते रहे हैं. VOPM द्वारा उद्धृत आंकड़ों के मुताबिक, 2021 से 2024 के बीच अल्पसंख्यक समुदाय की लड़कियों और महिलाओं के कथित अपहरण, धर्म परिवर्तन और निकाह के 421 मामले दर्ज किए गए. इनमें 282 पीड़ित हिंदू समुदाय से थीं. संगठन का कहना है कि अधिकांश मामले सिंध प्रांत से सामने आए.

-भारत एक्सप्रेस



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