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JDU में ‘ऑल इज नॉट वेल’ ? बाहुबली अनंत सिंह और नीरज कुमार में जूतमपैजार जैसे हालात, डैमेज कंट्रोल में जुटे नेता

Anant Singh Vs Neeraj Kumar: अनंत सिंह निर्दलीय उम्मीदवार अनुज सिंह का समर्थन की बात कर रहे हैं. अनंत सिंह ने आरोप लगाया है कि साल 2019 में उनके घर में AK-47 रख कर उन्हें फंसाने की साजिश रची गई थी, जिसमें आरसीपी सिंह के साथ-साथ नीरज कुमार की भी भूमिका थी.

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बाहुबली अनंत सिंह और नीरज कुमार में जूतमपैजार जैसे हालात

Anant Singh Vs Neeraj Kumar: बिहार की राजनीति में वैसे तो शह और मात का खेल पुराना है, लेकिन इस वक्त नीतीश कुमार की पार्टी JDU के अंदर ही एक ऐसी महाभारत शुरू हो चुकी है. जिसने पूरी पार्टी को हिलाकर रख दिया है. एक तरफ हैं मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह, जिन्हें लोग ‘छोटे सरकार’ भी कहते हैं, और दूसरी तरफ हैं नीतीश कुमार के सिपहसालार और JDU के मुख्य प्रवक्ता MLC नीरज कुमार. दोनों के बीच ‘जूतमपैजार’ जैसे हालात बन चुके हैं.

इसकी तात्कालिक वजह है अक्टूबर में होने वाला पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव. जहां से नीरज कुमार फिर से मैदान में उतरने की तैयारी में हैं. लेकिन नीरज वर्सेज अनंत सिंह का मामला यहां तक पहुंच चुका है कि अनंत सिंह ने खुला ऐलान कर दिया है कि वे पटना स्नातक MLC सीट पर नीरज कुमार की जमानत जब्त करवा देंगे! उनका आरोप है कि नीरज कुमार ने उन्हें कई बार साजिश के तहत फंसाया है.

जिसे जमानत नहीं लिखने आता वो क्या…

दरअसल अनंत सिंह निर्दलीय उम्मीदवार अनुज सिंह का समर्थन की बात कर रहे हैं. लेकिन बात सिर्फ एक चुनाव की नहीं है. दोनों के बीच की कड़वाहट सालों पुरानी है. अनंत सिंह ने आरोप लगाया है कि साल 2019 में उनके घर में AK-47 रख कर उन्हें फंसाने की साजिश रची गई थी, जिसमें आरसीपी सिंह के साथ-साथ नीरज कुमार की भी भूमिका थी. अनंत सिंह का कहना है कि जब उन्हें जरूरत थी, तब नीरज कुमार ने कभी उनका साथ नहीं दिया, बल्कि हमेशा उनके खिलाफ काम किया.

जबकि नीरज कुमार ने चुनौती दी है कि जिसे खुद हिंदी में जमानत लिखना नहीं आता, वो मेरी जमानत क्या जब्त कराएगा! जो नीतीश कुमार के नेतृत्व को चुनौती देगा, वो गद्दार माना जाएगा. अगर हिम्मत है, तो कोर्ट में जाकर नार्को टेस्ट करवा ले. इस तरह से नीरज कुमार ने भी अनंत सिंह के बार बार आरोप लगाए जाने के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया है.

कन्फ्यूजन दूर करने उतरे श्याम रजक

इन दिनों नेताओं के बीच झगड़ा सुलझाने में पार्टी के कई बड़े नेता जोर आजमाइश कर चुके है पर विवाद सुलझने के बजाए उलझता ही जा रहा है. पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री श्याम रजक अभी भी जल्द कन्फ्यूजन दूर करने और अनंत सिंह के समर्थन का दावा कर रहे हैं. जबकि पूरे प्रकरण से विपक्ष का उत्साह सातवें आसमान पर पहुंच गया है. आरजेडी इसे पार्टी के अंदरूनी हालात का हवाला देकर अपनी जीत का दम भरने लगी है.

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सत्ताधारी JDU के अंदर नए खुले इस सियासी अखाड़े पर प्रशांत किशोर नजर बनाए हुए हैं. सभी आठ सीटों पर चुनाव लड़ने वाली पार्टी जन सुराज भी मौके की तलाश में है और बांकीपुर उपचुनाव रिपीट करने की तैयारी में जुट गई है.

-भारत एक्सप्रेस



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