562 रियासतों से लेकर आज के नक्शे तक… जानिए कैसे तय हुई देश के राज्यों की दिलचस्प और संघर्ष भरी कहानी
आजादी के बाद भारत का नक्शा कभी एक जैसा नहीं रहा. रियासतों के विलय से शुरू हुई यह यात्रा भाषाई आंदोलनों, क्षेत्रीय आकांक्षाओं और राजनीतिक फैसलों के साथ लगातार बदलती गई. 31 अगस्त 1956 को राज्य पुनर्गठन अधिनियम पारित हुआ.
सिर्फ मां-बेटी का रिश्ता नहीं, एक औरत की आत्म-पहचान की जंग है अरुंधति रॉय की ये नई किताब
अरुंधति रॉय की ‘मेरी माँ मेरी गैंगस्टर’ एक ऐसी आत्मीय यात्रा है, जिसमें लेखिका अपने जीवन के सबसे जटिल और गहरे रिश्तों में से एक अपनी मां मैरी रॉय के साथ संबंध को नए नजरिए से देखती हैं.
राजकमल प्रकाशन के 81वें स्थापना दिवस पर ‘सहयात्रा उत्सव’: युवा वक्ताओं ने उठाए लोकतंत्र, उर्दू अदब और डायन प्रथा जैसे गंभीर मुद्दे
राजकमल प्रकाशन के 81वें स्थापना दिवस पर आयोजित ‘सहयात्रा उत्सव’ में साहित्य और समाज से जुड़े मुद्दों पर गंभीर संवाद हुआ.
राजकमल ने मनाया हिन्दी उपन्यास का स्त्री वर्ष, नौ स्त्री कथाकारों के उपन्यास एकसाथ हुए प्रकाशित
राजकमल प्रकाशन समूह ने इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में ‘हिन्दी उपन्यास का स्त्री वर्ष: भेंट, पाठ, चर्चा’ का आयोजन किया. कार्यक्रम में नौ समकालीन स्त्री उपन्यासकारों की कृतियों का चयनित अंशों के माध्यम से पाठ और परिचय प्रस्तुत किया गया.
राजकमल मना रहा ‘हिन्दी उपन्यास का स्त्री वर्ष’, नौ लेखिकाओं के नए उपन्यासों का 3 दिसम्बर को एकसाथ होगा लोकार्पण
राजकमल प्रकाशन समूह हिन्दी उपन्यास का स्त्री-वर्ष मना रहा है. 3 दिसंबर 2025 को राष्ट्रीय राजधानी के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में हिन्दी की नौ प्रमुख स्त्री-कथाकारों के उपन्यास एकसाथ लोकार्पित किए जाएंगे.





