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rape victim

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में 40 साल पुराने रेप केस में सुनवाई की. 1984 में एक ट्यूशन टीचर ने पीड़िता के साथ दुष्कर्म को अंजाम दिया था. इस केस में आरोपी ने कहा कि पीड़िता के प्राइवेट पार्ट पर कोई चोट के निशान नहीं है इसीलिए यह रेप केस कैसे हुआ.

दिल्ली हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को दुष्कर्म, एसिड अटैक और यौन हिंसा के पीड़ितों को तत्काल और नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा मुहैया करानी होगी.

कोर्ट ने दोषी को पॉक्सो की धारा छह (गंभीर यौन हमला) के तहत दोषी ठहराया था. उसने 28 वर्षीय व्यक्ति को अपहरण, गंभीर चोट पहुंचाने और बलात्कार के लिए भी दोषी ठहराया है.

Bareilly: न्याय की गुहार लगाने पहुंची पीड़िता से दारोगा ने कहा कि अरोपियों पर कार्रवाई नहीं की जाएगी. इसी से आहत होकर पीड़िता ने आत्मघाती कदम उठा लिया.