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Saharanpur News

Saharanpur News: सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में ध्वस्त की गई मस्जिद के मलबे के नीचे 20 फीट गहरा कुआं मिलने से हड़कंप मच गया है. प्रशासन ने क्षेत्र को सील कर एएसआई (ASI) जांच कराने का फैसला किया है, वहीं इस पर राजनीतिक घमासान भी तेज हो गया है.

Saharanpur Mosque Demolition: सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित मस्जिद को प्रशासन ने भारी सुरक्षा के बीच ध्वस्त कर दिया. सांसद इकरा हसन को हाउस अरेस्ट किया गया, जबकि इमरान मसूद, मायावती और ओवैसी ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए.

UP Politics News: उत्तर प्रदेश की सियासत में बड़ा उलटफेर दिख रहा है. सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के दामाद शायान मसूद ने कांग्रेस छोड़कर समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया है. उन्होंने ने ससुर की विचारधारा पर सवाल उठाते हुए अखिलेश यादव को दूरदर्शी नेता बताया है.

Saharanpur News: सहारनपुर के गोगा माहड़ी धार्मिक स्थल पर 'मुस्लिमों का प्रवेश वर्जित' लिखे पोस्टर लगाए जाने के बाद विवाद शुरू हो गया है. गोगा माहड़ी सुधार सभा ने पोस्टर लगाने की जिम्मेदारी लेते हुए इसे धार्मिक स्थल की मर्यादा और पवित्रता बनाए रखने का कदम बताया है.

Saharanpur Honour Killing News: सहारनपुर में पुलिस भर्ती परीक्षा के दौरान महिला के भाई ने उसके पति की गोली मारकर हत्या कर दी। पत्नी ने मां, जीजा और मौसा पर भी गंभीर आरोप लगाए।

Chhota CM Yogi In Saharanpur: सहारनपुर के देवबंद में 2131 करोड़ की परियोजनाओं के लोकार्पण के दौरान एक अलग ही नजारा दिखा. छात्र संस्कार चौधरी 'छोटा योगी' बनकर जनसभा में पहुंचा, जिसे सीएम योगी ने मंच पर बुलाकर प्यार दिया.

Mysterious snake attacks: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के नानौता क्षेत्र से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक छात्रा को बार-बार सांप के काटने की घटना ने लोगों के दिलों में दहशत फैला दी है . जानकारी के मुताबिक पहले पिता की सर्पदंश से मौत हो चुकी है.

Action In Saharanpur Haji Iqbal: सहारनपुर प्रशासन की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है. पूर्व बसपा MLC और माफिया हाजी इकबाल (Haji Iqbal) की 2 अरब 76 करोड़ की संपत्ति गैंगस्टर एक्ट में कुर्क की गई. पढ़ें पूरी खबर

सहारनपुर के कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने 2014 में दिए गए विवादित बयान से जुड़े मामले में आरोपों की वैधता और कानूनी प्रक्रिया की समीक्षा की मांग करते हुए पुनरीक्षण याचिका दाखिल की है.

Yogi Adityanath ने साफ शब्दों में कहा कि इस तरह की भाषा और सोच न सिर्फ शासन की नीति के खिलाफ है, बल्कि समाज में विभाजन पैदा करने वाली है, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.