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Sambhal

संभल SP कृष्ण कुमार बिश्नोई ने कहा, "हमें कई पत्र मिले हैं, जिनमें दावा किया गया है कि उस दिन रामपुर, हापुड़ और बुलंदशहर जिलों के मदरसों के छात्रों को विशेष रूप से संभल बुलाया गया था. हम इन पत्रों की प्रामाणिकता की पुष्टि कर रहे हैं."

उत्तर प्रदेश के संभल जिले में 46 साल बाद शिव मंदिर फिर से खुला. वहां पाटे गए एक कुंए की खुदाई में तीन टूटी हुईं मूर्तियां बरामद हुईं. ये मूर्तियां पार्वती, गणेश और कार्तिकेय की हैं. उस मंदिर से संभलेश्वर शब्द को मिटाया गया.

संभल में 46 साल पहले हुई हिंसा के बाद इस शिव मंदिर को बंद कर दिया था, जिसे अब प्रशासन की मौजूदगी में खोला गया है.

भगवान शिव के इस मंदिर के पास एक रैंप के नीचे एक कुआं भी मिला है. प्रशासन को कथित तौर पर उस पर बने रैंप को हटाना पड़ा और कुएं को खोजने के लिए आसपास के मलबे को साफ करना पड़ा.

डीएम राजेंद्र पैंसिया ने बताया कि वह पुलिस अधीक्षक के साथ संभल में ध्वनि विस्तारक यंत्रों की जांच करने पहुंचे थे. डीएम ने बताया कि हम लोग सुबह लाउडस्पीकर की जांच के लिए आए थे.

पूरे मामले को लेकर एसडीएम वंदना मिश्रा ने बताया कि कोई भी बिल्डिंग जो विनियमित क्षेत्र में बनाई जाएगी, वो कोर्ट से नक्शा पास कराकर ही बनाई जाएगी, उन्होंने ऐसा नहीं किया था. इसी अनुक्रम में उनको नोटिस भेजा गया है.

संभल हिंसा मामले में पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने मीडिया को बताया कि पुलिसकर्मियों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हवा में गोलियां चलाईं. वहीं ASP ने बताया जांच जारी है, पूरी होने में 3 महीने लगेंगे.

कांग्रेस का कहना है कि संभल में मौजूदा समय में धारा 163 लागू है, तो ऐसी स्थिति में प्रशासन को पार्टी की तरफ से पांच लोगों को तो जाने की इजाजत देनी ही चाहिए.

राज्य के गृह विभाग के आदेश के अनुसार हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज देवेंद्र कुमार अरोड़ा की अध्यक्षता में तीन सदस्यी कमेटी को मामले की जांच का जिम्मा सौंपा गया है.

उत्तर प्रदेश के संभल जिले में शाही जामा मस्जिद के सर्वे को लेकर बीते 24 नवंबर को हिंसक विरोध प्रदर्शन हुआ. इस दौरान कम से कम 5 लोगों की मौत हो चुकी है. बवाल के बाद कई तरह की पाबंदियां लगा दी गई हैं.