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Sawan

सावन 2025 में रुद्राभिषेक से भगवान शिव की विशेष कृपा मिलती है, लेकिन यह जानना जरूरी है कि पूजा कब करनी है और राहुकाल जैसे समयों से क्यों बचना चाहिए.

Char Dham Yatra 2025 में अब तक 38 लाख से ज्यादा भक्त पहुंचे, लेकिन दिल और फेफड़ों की समस्याओं से 169 श्रद्धालुओं की मौत हुई. सरकार ने यात्रियों से अनिवार्य स्वास्थ्य जांच और डॉक्टरों की सलाह मानने की अपील की है.

श्रावण मास के पहले सोमवार को भगवान शिव को दूध, दही, भांग और धतूरा क्यों चढ़ाया जाता है? जानिए इससे जुड़ी पौराणिक मान्यताएं और आयुर्वेदिक कारण, साथ ही जानें 14 जुलाई के शुभ मुहूर्त और पूजन विधि.

श्रावण माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया को रविवार का दिन पड़ रहा है. इस दिन सूर्य देव मिथुन राशि में रहेंगे, वहीं चंद्रमा शाम के 06 बजकर 53 मिनट तक मकर राशि में रहेंगे. इसके बाद कुंभ राशि में गोचर करेंगे. इस दिन भद्रा का साया रहेगा.

आज सावन के पहले दिन एक अनोखा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इस वीडियो में भगवान शिव की प्रतिमा के गले में असली नागराज लिपटे नजर आ रहे हैं.

काशी के साथ ही देश भर के मंदिरों में भक्तों की भीड़ जुटनी शुरू हो चुकी है. काशी में भी बाबा का एक ऐसा मंदिर है, जहां बाबा भक्तों के शूल को काटते हैं और दर्शन करने मात्र से कई मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं.

सावन के महीने में झूला झूलना एक खास परंपरा है, जो मां पार्वती और श्रीकृष्ण-राधा से जुड़ी हुई है. हरियाली तीज और कजरी तीज के अवसर पर स्त्रियां गीत गाते हुए झूला झूलती हैं और भोलेनाथ से आशीर्वाद मांगती हैं.

सावन में शिव की नगरी काशी में आस्था का रंग और भी गहरा हो जाता है. क्या आप जानते हैं काशी के कैथी गांव के पास एक ऐसा मंदिर है जहां यमराज पराजित हुए थे ?

सावन का महीना महिलाओं के लिए सिर्फ पूजा-पाठ का नहीं, बल्कि श्रृंगार और मानसिक शांति से जुड़ा होता है. हरी चूड़ियां पहनने की परंपरा के पीछे देवी पार्वती की कृपा और विज्ञान दोनों हैं.

सावन महीना हिंदू धर्म के लिए सबसे पावन महीना होता है. इस माह में खास करके भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा की जाती है.