1942 की जनक्रांति: गांधीवादी व्याख्या से परे बिहार का संगठित संघर्ष और सियाराम सिंह की भूमिका
1942 का भारत छोड़ो आंदोलन सिर्फ गांधीजी के नेतृत्व तक सीमित नहीं था, बल्कि इसमें किसानों, आदिवासियों और संगठित क्रांतिकारी समूहों ने भी अहम भूमिका निभाई.
विदेश में शादी, जापानी नागरिकता… फिर भी दिल में धड़कता था हिंदुस्तान, ऐसे रखी आज़ाद हिंद फ़ौज की नींव
रास बिहारी बोस उन महान क्रांतिकारियों में थे, जिन्होंने विदेश में रहकर भी भारत की आजादी की लड़ाई को नई दिशा दी. जापान में रहते हुए उन्होंने इंडियन इंडिपेंडेंस लीग और आजाद हिंद फौज की नींव रखी.
Birth Anniversary Of Netaji: नेताजी सुभाष चंद्र बोस और एमिली की अधूरी प्रेम-कहानी, नई किताब में सामने आया इमोशन
आज नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जन्मदिन पर उनकी वीरता के साथ याद की जा रही है उनकी गहरी प्रेम-कहानी. पुस्तक "सुभाष-एमिली: अधूरे प्रेम की पूरी कहानी" में उकेरा गया है 1934 में वियना से शुरू हुआ सुभाष-एमिली शेंकल का रिश्ता.
सरस्वती राजमणि: भारत की पहली महिला जासूस
महज 16 साल की उम्र में ब्रिटिश साम्राज्य के खिलाफ खुफिया युद्ध लड़ने वाली सरस्वती राजमणि भारत की पहली महिला जासूस थीं. झांसी की रानी रेजिमेंट से लेकर INA की मिलिट्री इंटेलिजेंस तक, उनका साहस और बलिदान स्वतंत्रता संग्राम की एक अनसुनी लेकिन निर्णायक कहानी है.
‘विकसित भारत’ के निर्माण के लिए अपने कंफर्ट जोन से बाहर निकलना जरूरी : पीएम मोदी
पीएम मोदी ने अपने भाषण में कहा, ''मेरा सौभाग्य है कि आजाद हिंद सरकार के 75 वर्ष पूरे होने पर लाल किले पर तिरंगा फहराने का मौका मिला था.
पराक्रम दिवस पर जानिए नेताजी की मौत का रहस्य, हादसे के बाद भी जीवित थे!
Netaji Subhash Chandra Bose Death Mystery: नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 127वीं जयंती पर जानिए हादसे वाले दिन नेताजी ने क्या किया. हादसे के बाद भी वे जीवित कैसे बचे?







