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Supreme Court

बाबा रामदेव और पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड के प्रबंध निदेशक (एमडी) आचार्य बालकृष्ण ने अपने औषधीय उत्पादों के असर के बारे में बड़े-बड़े दावे करने वाले विज्ञापनों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में ‘बिना शर्त माफी’ मांगी है. हालांकि अदालत ने इसे अस्वीकार कर दिया है.

Gautam Navlakha: एल्गार परिषद-माओवादी मामले में गिरफ्तार हुए एक्टिविस्ट गौतम नवलखा को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा झटका दिया है. 

सीएए कानून को रोकने के लिए इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग, असम जातीयतावादी युवा छात्र परिषद, डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया ने याचिका लगाई है. सीएए के खिलाफ कुल 237 याचिकाएं दायर की गई हैं. इनमें से 20 में कानून पर रोक की मांग की गई है.

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा बोर्ड अधिनियम, 2004 को इस आधार पर ‘असंवैधानिक’ घोषित कर दिया था कि यह ‘धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांत’ के साथ-साथ संविधान के अनुच्छेद 14 के तहत प्रदत्त मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है.

पतंजलि भ्रामक विज्ञापन मामले में बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने कोर्ट से अपने आचरण के लिए माफी मांगी. हालांकि कोर्ट दोनों को कड़ी फटकार लगाई.

याचिका में कहा गया है कि यह देखते हुए कि VVPAT और EVM के संबंध में विशेषज्ञों द्वारा कई सवाल उठाए जा रहे हैं और अतीत में ईवीएम और वीवीपैट वोटों की गिनती के बीच विसंगतियां सामने आई हैं, यह जरूरी है कि सभी वीवीपैट पर्चियों की गिनती की जाए.

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि क्यों न पतंजलि और इसके एमडी के खिलाफ अवमानना केस चलाया जाए. केंद्र सरकार ने कोर्ट से कहा कि वह इस मामले में एक नया हलफनामा दाखिल करेगी.

सीजेआई ने राजधानी में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि जांच एजेंसियों को तलाशी और जब्ती की प्रकिया के दौरान संबंधित शख्स की निजता के अधिकार का भी ध्यान रखना चाहिए.

Supreme Court: शीर्ष अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि वह इस घटना और इस तथ्य से नाखुश है कि इसके लिए जिम्मेदार व्यक्तियों की अभी तक पहचान नहीं हो पाई है.

इस मुद्दे को रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में हुई महारैली में भी कांग्रेस ने उठाया था. राहुल गांधी ने कहा था कि चुनाव से ठीक पहले हमारे अकाउंट्स को फ्रीज कर दिया गया है.