जिस कहानी पर चला था मुकदमा… जानिए कौन थीं बेबाक लेखिका इस्मत चुगताई?
इस्मत चुगताई ने अपने बेबाक लेखन से उर्दू साहित्य में महिलाओं की आवाज को नई पहचान दी। उन्होंने समाज के उन सच को सामने रखा, जिन पर बात करने से लोग अक्सर बचते थे.
‘विकसित भारत 2047’ के विज़न और मिशन में उर्दू साहित्य को भी महत्वपूर्ण भूमिका निभानी चाहिए: डॉ. शम्स इक़बाल
हमें अपने साहित्य को देश और समाज से जोड़कर देखना होगा और यह भी विचार करना होगा कि प्रधानमंत्री आदरणीय श्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के विज़न और मिशन में हम किस तरह हम अपना योगदान दे सकते हैं.





