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US Iran tensions

अमेरिका और ईरान के बीच दोबारा शुरू हुए तनाव से भारत में एलपीजी संकट गहराने की आशंका है. भारत का 90% गैस आयात होर्मुज के रास्ते होता है. सरकारी तेल कंपनियां पहले ही प्रति सिलेंडर 500 से 700 रुपये का नुकसान झेल रही हैं.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा है कि अमेरिका चाहे तो हालात को '2 सेकंड में खत्म' कर सकता है. हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि फिलहाल सेना भेजने की कोई योजना नहीं है, लेकिन ईरान को वैश्विक खतरा बताते हुए दबाव बनाए रखने के संकेत दिया.

विशेषज्ञों की माने तो वली-ए-अम्र सिर्फ एक बॉडीगार्ड यूनिट नहीं, बल्कि ईरान की सत्ता की रीढ़ है. अगर खामेनेई के साथ कुछ भी होता है, तो यही फोर्स सत्ता के केंद्र को तुरंत नियंत्रण में ले लेगी. ऐसे में तेहरान में घुसकर खामेनेई को अगुवा करना अगर अमेरिका चाहता है तो यह कागजों पर आसान हो सकता है लेकिन अगर सच में ऐसा होता है तो ईरानी फोर्स के सामने नाको चने चबाना पड़ सकता है.

ईरान को अपने ऊपर संभावित हमले की आशंका सता रही है, जिसके चलते उसने अपने परमाणु ठिकानों की सुरक्षा को और मजबूत कर दिया है.