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क्या ट्रंप और पुतिन करने वाले हैं यूक्रेन के साथ गेम? मास्को में उतरा अमेरिकी जहाज, ट्रंप ब्रिगेड ने साधी चुप्पी

मॉस्को में अमेरिकी सी-17 ग्लोबमास्टर सैन्य विमान की अचानक लैंडिंग से सस्पेंस बढ़ गया है. क्रेमलिन ने किसी भी आधिकारिक बैठक से इनकार किया है.

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रूस और अमेरिका के बीच जारी भारी तनाव और यूक्रेन युद्ध के बीच एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने पूरी दुनिया के कूटनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है. रूस की राजधानी मॉस्को के वनुकोवो एयरपोर्ट पर अचानक अमेरिकी वायुसेना का एक विशालकाय सैन्य विमान लैंड हुआ. ‘फ्लाइटराडार24’ के ट्रैकिंग डेटा से इस लैंडिंग का खुलासा होने के बाद से ही वैश्विक राजनीति में कयासों का बाजार बेहद गर्म है.

कैसे पहुंचा विमान?

फ्लाइट डेटा के मुताबिक, इस सी-17 ग्लोबमास्टर विमान ने मैरीलैंड स्थित ‘जॉइंट बेस एंड्रयूज’ से उड़ान भरी थी. यह वही खास मिलिट्री बेस है, जिसका इस्तेमाल अमेरिकी राष्ट्रपति और देश के बेहद शीर्ष अधिकारी करते हैं.

रविवार शाम अमेरिका से रवाना होने के बाद यह विमान पहले लातविया की राजधानी रीगा पहुंचा. इसके बाद, मंगलवार सुबह रीगा से उड़ान भरकर यह सीधे मॉस्को के वनुकोवो हवाई अड्डे पर उतर गया. सी-17 ग्लोबमास्टर जैसे भारी-भरकम सैन्य विमान का इस्तेमाल आमतौर पर बड़े हथियारों या उच्चस्तरीय दस्तों के ट्रांसपोर्ट के लिए होता है, जिससे इस रहस्यमयी यात्रा को लेकर सस्पेंस और गहरा गया है.

क्रेमलिन ने जताया अनभिज्ञता

इस अचानक हुई लैंडिंग के बाद जब क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेशकोव से सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसे किसी भी अमेरिकी विमान की जानकारी नहीं है. उन्होंने यह भी साफ किया कि इस हफ्ते अमेरिकी प्रशासन के प्रतिनिधियों के साथ राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन या रूसी अधिकारियों की कोई आधिकारिक बैठक तय नहीं है.

हालांकि, विशेषज्ञ इसे साधारण घटना नहीं मान रहे हैं. इससे पहले जब अमेरिका के विशेष दूत यूक्रेन युद्ध पर बातचीत के लिए मॉस्को आए थे, तब भी इसी तरह का अमेरिकी विमान रूस पहुंचा था.

क्या पर्दे के पीछे हो रहा है कोई खेल?

कूटनीतिक जानकारों का मानना है कि इस गोपनीय यात्रा का संबंध हाल के महीनों में हुए हाई-प्रोफाइल कैदियों के आदान-प्रदान से हो सकता है. अगस्त की शुरुआत में पूर्व अमेरिकी मरीन रॉबर्ट गिलमैन की रिहाई के बाद यह माना जा रहा है कि दोनों देशों के बीच पर्दे के पीछे बैक-चैनल डिप्लोमेसी जारी है.

फिलहाल, वाशिंगटन और मॉस्को दोनों ने ही इस रहस्यमयी उड़ान के असली मकसद पर पूरी तरह चुप्पी साध रखी है.

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-भारत एक्सप्रेस



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