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5 सेकंड की AI वीडियो में खर्च होती है 1 घंटे से ज्यादा माइक्रोवेव जितनी बिजली, रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

AI Video Energy Consumption: AI से इमेज और वीडियो बनाने में भारी कंप्यूटिंग पावर की जरूरत पड़ती है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, छोटी AI वीडियो एक इमेज की तुलना में करीब 700 गुना ज्यादा ऊर्जा ले सकती है. इस बढ़ती ऊर्जा खपत ने AI के पर्यावरणीय प्रभाव और कार्बन उत्सर्जन को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है.

 AI Video Energy Consumption

 AI Video Energy Consumption- AI Generated

AI Video Energy Consumption: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI का इस्तेमाल अब सिर्फ चैट या जानकारी हासिल करने तक सीमित नहीं है. लोग AI की मदद से तस्वीरें, वीडियो और दूसरे डिजिटल कंटेंट भी तेजी से तैयार कर रहे हैं. हालांकि, इस सुविधा के पीछे बड़ी मात्रा में कंप्यूटिंग पावर और ऊर्जा की जरूरत पड़ती है. इसी को लेकर MIT Technology Review के रिपोर्टरों ने AI से जुड़े ऊर्जा इस्तेमाल का अनुमान लगाने की कोशिश की है.

एक AI इमेज में कितनी ऊर्जा?

रिपोर्ट में दिए गए अनुमान के मुताबिक, एक उच्च-गुणवत्ता वाली AI-generated image तैयार करने में करीब साढ़े पांच सेकंड तक माइक्रोवेव चलाने जितनी ऊर्जा खर्च हो सकती है. यानी एक अकेली तस्वीर तैयार करने में भी कंप्यूटिंग सिस्टम को ऊर्जा की जरूरत पड़ती है. यह आंकड़ा तब और दिलचस्प हो जाता है जब इसकी तुलना AI वीडियो से की जाए.

वीडियो बनाने में कई गुना ज्यादा ऊर्जा

रिपोर्ट के अनुसार, एक छोटा AI वीडियो तैयार करने में एक इमेज की तुलना में लगभग 700 गुना ज्यादा ऊर्जा खर्च हो सकती है. इसका मतलब है कि करीब पांच सेकंड का AI वीडियो बनाने में उतनी ऊर्जा इस्तेमाल हो सकती है, जितनी एक माइक्रोवेव को एक घंटे से ज्यादा समय तक चलाने में लगेगी. AI वीडियो में कई फ्रेम तैयार और प्रोसेस करने पड़ते हैं. इसी वजह से इसकी कंप्यूटिंग जरूरत एक सामान्य तस्वीर की तुलना में काफी अधिक हो सकती है.

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बढ़ते AI इस्तेमाल का पर्यावरण पर असर

AI सिस्टम को चलाने वाले डेटा सेंटर बड़ी मात्रा में बिजली का इस्तेमाल करते हैं. इस बिजली का एक हिस्सा अभी भी कोयले और प्राकृतिक गैस जैसे जीवाश्म ईंधनों से आता है. ऐसे में AI का बढ़ता इस्तेमाल ऊर्जा खपत और कार्बन उत्सर्जन को लेकर नई बहस खड़ी कर रहा है. AI तकनीक लगातार विकसित हो रही है और भविष्य में इसके ज्यादा ऊर्जा-कुशल होने की उम्मीद की जा रही है. लेकिन फिलहाल ये आंकड़े यह सवाल जरूर उठाते हैं कि हर छोटी AI वीडियो के पीछे वास्तव में कितनी ऊर्जा खर्च हो रही है.

भारत एक्सप्रेस



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