ONGC Mahanadi Basin Natural Gas
ONGC Mahanadi Basin Natural Gas: ओडिशा के पास महानदी बेसिन (Mahanadi Basin) के गहरे समुद्र में ONGC (ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन) को प्राकृतिक गैस (Natural Gas) का एक नया और विशाल भंडार मिला है. केंद्र सरकार के समुद्र मंथन अभियान के तहत मिली यह ऐतिहासिक सफलता भारत की ऊर्जा सुरक्षा और आम आदमी के रसोई-परिवहन बजट दोनों के लिए बेहद अहम मानी जा रही है. इस खबर के सामने आते ही सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या इससे एलपीजी (LPG) सिलेंडर और सीएनजी (CNG) की कीमतें सस्ती होंगी? आइए समझते हैं कि इस नई खोज का आपकी जेब पर क्या और कैसे असर पड़ेगा.
18 सितंबर की ऐतिहासिक टेस्टिंग और ‘MDW-28’ कुआं
यह कामयाबी ONGC के डीप-वॉटर एक्सप्लोरेशन ड्राइव के तहत हासिल हुई है. केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी द्वारा महानदी बेसिन के MDW-28 कुएं की ड्रिलिंग का शुभारंभ किया गया था. विस्तृत डेटा विश्लेषण के बाद जब 18 सितंबर को इस कुएं की टेस्टिंग की गई, तो बेहतरीन प्रेशर के साथ प्राकृतिक गैस का तेज बहाव शुरू हो गया. इस खोज की सबसे खास बात यह है कि इसके आसपास मौजूद अन्य गैस भंडारों को मिलाकर एक क्लस्टर डेवलपमेंट मॉडल के तहत साझा इंफ्रास्ट्रक्चर से गैस निकाली जाएगी. इससे गैस उत्पादन और ट्रांसपोर्टेशन की लागत में भारी कमी आएगी.
भारत की गैस निर्भरता: क्यों महत्वपूर्ण है यह खोज?
इस खोज के आर्थिक महत्व को समझने के लिए भारत की गैस आयात निर्भरता (Import Dependency) का गणित जानना जरूरी है:
50% से अधिक आयात: भारत अपनी कुल जरूरत की 50 प्रतिशत से अधिक एलपीजी और प्राकृतिक गैस दूसरे देशों से खरीदता है.
महंगा परिवहन और टैक्स: विदेशी गैस को जहाजों (LNG carriers) से भारत लाने में भारी लॉजिस्टिक्स खर्च, इंश्योरेंस और टैक्स चुकाना पड़ता है.
वैश्विक कीमतों का असर: अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड या गैस के दाम बढ़ते ही भारत में सीएनजी और सिलेंडर तुरंत महंगे हो जाते हैं.
महानदी बेसिन से घरेलू उत्पादन बढ़ने पर विदेशों पर हमारी निर्भरता कम होगी, जिससे अरबों डॉलर की विदेशी मुद्रा बचेगी और आयातित गैस का अतिरिक्त बोझ भी घटेगा.
क्या वाकई सस्ते होंगे LPG, PNG और CNG के दाम?
महानदी बेसिन से जब व्यावसायिक उत्पादन (Commercial Production) शुरू होगा, तब देश के भीतर प्राकृतिक गैस की कुल सप्लाई में इजाफा होगा.
लॉजिस्टिक्स खर्च में कटौती: देश के भीतर ही गैस उपलब्ध होने से ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट घटेगी.
Rules 2025 का लाभ: क्लस्टर डेवलपमेंट मॉडल से उत्पादन लागत कम होगी.
कीमतों में स्थिरता: घरेलू सप्लाई मजबूत होने से वैश्विक बाजार के उतार-चढ़ाव का असर भारतीय उपभोक्ताओं पर कम पड़ेगा.
इन सभी कारणों से आने वाले समय में LPG सिलेंडर, पाइप वाली रसोई गैस (PNG) और गाड़ियों में इस्तेमाल होने वाली CNG की कीमतों में बड़ी राहत मिल सकती है.
यह भी पढ़ें: 1 अक्टूबर से 30 नवंबर तक पटरी पर दौड़ेंगी 1000 से ज्यादा स्पेशल ट्रेनें, जानिए प्रमुख रूट्स की टाइमिंग
आम जनता के लिए बॉटम लाइन: कब मिलेगा फायदा?
समुद्र के गहरे पानी (Deep Sea) से गैस निकालकर उसे रिफाइनरियों तक पहुंचाने और पाइपलाइन नेटवर्क के ज़रिए आपके घर या पेट्रोल पंप तक लाने में थोड़ा समय जरूर लगेगा. इसलिए रातों-रात दाम घटने की उम्मीद नहीं की जानी चाहिए.
हालाकि, यह खोज भारत को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने और भविष्य में रसोई गैस व सीएनजी की बढ़ती कीमतों पर प्रभावी लगाम लगाने की दिशा में एक बहुत बड़ा और क्रांतिकारी कदम है.
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.




