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सांकेतिक फोटो
पोस्ट ऑफिस अपने ग्राहकों के लिए कई तरह की स्कीम चलाता है. इन योजनाओं में से एक है महिला सम्मान बचत प्रमाणपत्र जो डाकघर चलाता है. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट 2023 पेश करते हुए महिलाओं को ध्यान में रखते हुए इस योजना को शुरू करने की घोषणा की थी.
जानकारी के अनुसार पोस्ट ऑफिस की कई योजनाओं में जमाकर्ताओं को आयकर अधिनियम की धारा 80सी के तहत कर कटौती का लाभ मिलता है. ऐसे में बहुत से लोग जानना चाहते हैं कि क्या महिला सम्मान बचत प्रमाणपत्र लेने के बाद भी कर लाभ प्राप्त किया जा सकता है या नहीं? आज हम यहां इस योजना से जुड़े सभी नियमों के बारे में विस्तार से बात करेंगे.
महिला सम्मान बचत प्रमाणपत्र योजना की घोषणा साल 2023-24 के बजट में की गई थी. वहीं महिला सम्मान बचत प्रमाणपत्र योजना दो साल के लिए लचीला निवेश और दो लाख रुपये की अधिकतम निवेश सीमा के साथ आंशिक निकासी और हर तीन महीने में चक्रवृद्धि आधार पर ब्याज की पेशकश करती है. वहीं, यह स्कीम सिर्फ दो साल यानी 31 मार्च 2025 तक के लिए वैलिड है. पोस्ट ऑफिस की इस स्कीम में 7.5 फीसदी की दर से ब्याज मिल रहा है.
महिला सम्मान बचत प्रमाणपत्र योजना में आवेदन करने के लिए आप किसी भी डाकघर में जाकर कर सकते हैं. इस योजना के लिए वित्त मंत्रालय ने नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है. बता दें कि आप अपने किसी भी नजदीकी डाकघर में जाकर इस योजना के लिए खाता खुलवा सकते हैं. यह योजना देश भर के 1.59 लाख डाकघरों में उपलब्ध है.
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वित्त मंत्रालय द्वारा 5 अप्रैल, 2023 को जारी एक अधिसूचना के अनुसार, इस योजना के तहत निवेश आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत छूट के लिए पात्र नहीं है. इसका मतलब है कि आपको इस पर मिलने वाले ब्याज पर टैक्स देना होगा. अगर आपने सिर्फ इसी स्कीम में निवेश किया है तो इस बात की कोई संभावना नहीं है कि आपका टीडीएस कटेगा.
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