Bharat Express DD Free Dish

नोटबंदी से लेकर बड़े आर्थिक संकट तक..भारतीय बैंकिंग के वो बड़े मौके, जब रद्द करनी पड़ी संडे की छुट्टी?

27 सितंबर 2026 को प्रस्तावित बैंक हड़ताल से पहले देशभर के सरकारी और RRB बैंक रविवार को खुले रखने की तैयारी में हैं. 2016 की नोटबंदी, 2020 के Yes Bank संकट और वित्तीय वर्ष की क्लोजिंग जैसे मौकों पर भी रविवार को बैंकिंग सेवाएं जारी रही हैं.

Bank Holiday

Sunday Bank Holiday news: 27 सितंबर 2026 को देश के करोड़ों बैंक ग्राहकों के लिए एक अभूतपूर्व दिन होने जा रहा है. आमतौर पर संडे को बंद रहने वाले देश के सभी सरकारी और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (RRBs) आम दिनों की तरह पूरी क्षमता के साथ खुले रहेंगे. यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) द्वारा 28 से 30 सितंबर तक बुलाई गई 3 दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल के कारण देश में 5 दिनों तक बैंकिंग सेवाएं ठप होने का बड़ा खतरा मंडरा रहा था.

देश की अर्थव्यवस्था, व्यापारिक लेन-देन और आम जनता को इस ‘महा-शटडाउन’ से बचाने के लिए वित्त मंत्रालय और रिजर्व बैंक (RBI) ने रविवार को बैंक खोलने का ऐतिहासिक फैसला लिया. लेकिन भारतीय बैंकिंग इतिहास में ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है-जब भी देश पर वित्तीय संकट या बड़ा मोड़ आया है, रविवार के ताले खुले हैं!

साल 2026: ‘शटडाउन’ से बचाने की बड़ी कोशिश(Sunday Bank Holiday news)

सितंबर के आखिरी हफ्ते में 26 तारीख को महीने का ‘चौथा शनिवार’ और 27 को ‘रविवार’ था. इसके तुरंत बाद 28 से 30 सितंबर तक बैंक यूनियनों की 3 दिनों की हड़ताल प्रस्तावित थी. यदि रविवार को बैंक बंद रहते, तो देश में लगातार 5 दिनों तक चेक क्लीयरेंस, कैश डिपॉजिट और बड़े व्यापारिक ट्रांजेक्शन पूरी तरह ठप हो जाते. इस संकट को टालने के लिए RBI ने 27 सितंबर को सभी बैंक शाखाओं और करेंसी चेस्ट (Currency Chests) को पूरी तरह चालू रखने का विशेष आदेश जारी किया.

साल 2016: ‘नोटबंदी’ का वो ऐतिहासिक दौर

भारतीय बैंकिंग इतिहास में सबसे बड़ा ‘संडे वर्किंग डे’ नवंबर 2016 में देखा गया था. जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को बंद करने का अचानक ऐलान किया, तो पूरे देश में अफरा-तफरी मच गई थी. एटीएम और बैंक शाखाओं के बाहर मील लंबी कतारें लग गई थीं. जनता को राहत देने के लिए RBI ने ऐतिहासिक कदम उठाते हुए नोटबंदी के शुरुआती हफ्तों में शनिवार और रविवार दोनों दिन बैंक खुले रखने के निर्देश दिए थे. उस दौरान बैंक कर्मचारियों ने वीकेंड पर भी 12-12 घंटे काम किया था.

साल 2020: यस बैंक संकट के वक्त

मार्च 2020 में जब निजी क्षेत्र के दिग्गज ‘यस बैंक’ पर गहरा वित्तीय संकट मंडराया और RBI ने उसकी निकासी पर पाबंदी लगाई, तो ग्राहकों के बीच हड़कंप मच गया था. बैंकिंग सिस्टम में जनता का विश्वास कायम रखने के लिए भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और अन्य सार्वजनिक बैंकों ने कमान संभाली. संकट के तुरंत बाद आने वाले शनिवार और रविवार को Yes Bank की सभी शाखाएं खुली रखी गईं ताकि लोग तय सीमा के तहत अपनी नकदी आसानी से निकाल सकें और माहौल शांत हो सके.

ये भी पढ़ें- Bank Strike के बीच राहत की खबर: रविवार को खुलेंगे बैंक, जानिए अब कितने दिन रहेंगे बंद?

वित्तीय वर्ष की अनिवार्य क्लोजिंग

यह एक तय और नियमति प्रक्रिया है जो लगभग हर साल देखने को मिलती है. 31 मार्च को भारत का वित्तीय वर्ष (FY) खत्म होता है. इस दौरान सरकारी टैक्स (डायरेक्ट और इनडायरेक्ट टैक्स) की वसूली, सरकारी खजाने के मिलान और सालाना क्लोजिंग के कामों को समय पर पूरा करना अनिवार्य होता है. इसके लिए मार्च के आखिरी शनिवार और विशेष रूप से आखिरी रविवार (यदि वह 30 या 31 मार्च को पड़े) को RBI सभी सरकारी बैंकों को खुला रखने का निर्देश देता है.

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read