फ्री हुआ 2000 रुपये तक का UPI पेमेंट
UPI payment Charges: अगर आप भी रोजमर्रा की छोटी-मोटी खरीददारी के लिए गूगल पे, फोनपे या पेटीएम जैसे ऐप्स से यूपीआई (UPI) पेमेंट करते हैं या फिर RuPay Debit Card का इस्तेमाल करते हैं, तो आपके लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है. सरकार ने साफ कर दिया है कि 2,000 रुपये तक के यूपीआई ट्रांजैक्शन और रुपे डेबिट कार्ड से होने वाले भुगतानों पर किसी भी तरह का कोई एक्स्ट्रा चार्ज नहीं वसूला जाएगा.
क्या कहता है नया गजट नोटिफिकेशन?
सरकार की ओर से 14 सितंबर को जारी किए गए आधिकारिक गजट नोटिफिकेशन के मुताबिक, देश का कोई भी बैंक या पेमेंट सिस्टम प्रोवाइडर, चाहे सीधे तौर पर हो या फिर अप्रत्यक्ष रूप से, ग्राहकों या दुकानदारों पर 2,000 रुपये तक के यूपीआई और रुपे कार्ड पेमेंट के लिए कोई शुल्क नहीं लाद सकता.
यह फैसला संसद के मानसून सत्र में पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम एक्ट, 2007 की धारा 10ए में किए गए संशोधन के बाद आया है. इसके जरिए सरकार ने डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने और मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) को लेकर एक नया कानूनी ढांचा तैयार किया है.
डिजिटल पेमेंट में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
आपको यह जानकर हैरानी होगी कि अगस्त 2016 में लॉन्च हुआ यूपीआई आज भारत की डिजिटल इकोनॉमी की रीढ़ बन चुका है. पिछले एक दशक में देश की डिजिटल पेमेंट की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है. वित्त वर्ष 2017 (FY17) में जहां यूपीआई ट्रांजैक्शन की वैल्यू महज 0.07 लाख करोड़ रुपये थी, वहीं वित्त वर्ष 2026 (FY26) में यह बढ़कर सीधे 314 लाख करोड़ रुपये के जादुई आंकड़े को पार कर गई है. यह पिछले 10 सालों में 4000 गुना से भी ज्यादा की जबरदस्त छलांग को दिखाता है.
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अब ग्लोबल लेवल पर भी बजा डंका
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और इंडियन बैंक एसोसिएशन की पहल पर नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) द्वारा संचालित होने वाला यह सिस्टम अब सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रहा है. आज के समय में यूपीआई का डंका पूरी दुनिया में बज रहा है.
नेपाल, भूटान, सिंगापुर, यूएई, फ्रांस, श्रीलंका, कंबोडिया, मॉरीशस, कतर और ग्रीस के बाद हाल ही में उज्बेकिस्तान भी इस लिस्ट में शामिल हो गया है. इस तरह अब कुल 11 देशों में यूपीआई पेमेंट स्वीकार किया जा रहा है, जो हर भारतीय के लिए गर्व की बात है.
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-भारत एक्सप्रेस
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