Bharat Express DD Free Dish

सचिव विधिक सेवा प्राधिकरण प्लाट चिन्हित करने में असफल, हाईकोर्ट ने सर्वे के लिए नए न्यायिक अधिकारी का नाम मांगा

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मऊ के प्लॉट विवाद मामले में विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव की विफलता पर चिंता जताते हुए जिला जज से टोटल स्टेशन मेथड में दक्ष न्यायिक अधिकारी का नाम मांगा है.

Allahabad High Court
Prashant Rai Edited by Prashant Rai

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मऊ के जिला जज से 48 घंटे के भीतर उस न्यायिक अधिकारी का नाम मांगा है जो विवादित प्लॉट की पहचान करने में सक्षम हो, जिसे Total Station Method (टीएसएम) की जानकारी हो और जो कोर्ट द्वारा सौंपे गए कार्य को प्रभावी ढंग से पूरा कर सके. अदालत का यह निर्देश उस स्थिति के बाद आया है जब मऊ के विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव बाकर शमीम रिजवी की अध्यक्षता में गठित आयोग उक्त कार्य में विफल रहा.

यह आयोग जनहित याचिका पर गठित किया गया था और इसे मोहम्मदाबाद गोहना तहसील के ग्राम याकूबपुर में खसरा संख्या 743 / 0.1160 हेक्टेयर भूमि की मौके पर पहचान कर रिपोर्ट दाखिल करनी थी. हालांकि, आयोग यह प्लॉट स्पष्ट रूप से चिन्हित नहीं कर सका और खतौनी व मौके के निरीक्षण में अंतर सामने आया, जिससे न्यायालय असंतुष्ट रहा.

कोर्ट ने राज्य सरकार की ओर से पेश अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता से भी विस्तृत जानकारी मांगी है. साथ ही, हाईकोर्ट ने थाना रानीपुर के एसएचओ राजीव सिंह और दरोगा अख्तर अली को 27 मई की अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से हाजिर रहने का निर्देश दिया है.

यह आदेश न्यायमूर्ति जे.जे. मुनीर की एकल पीठ ने पूर्व फौजी महेश सिंह द्वारा दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान पारित किया. याचिकाकर्ता के अधिवक्ता चंद्रकांत त्रिपाठी ने अदालत को बताया कि ग्राम खोर और चकमार्ग पर अवैध कब्जा किया गया है और जब शिकायत की गई, तो उलटे याचिकाकर्ता पर ही पुलिस ने कार्रवाई कर दी.

अदालत ने इससे पहले विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव को टीम सहित मौके पर जाकर प्लॉट की पहचान कर रिपोर्ट देने का आदेश दिया था, लेकिन जब वह इसमें विफल रहे तो अब अदालत ने जिला जज मऊ से ऐसे किसी सक्षम न्यायिक अधिकारी का नाम मांगा है जो टोटल स्टेशन मेथड की जानकारी रखता हो और इस कार्य को सुचारू रूप से अंजाम दे सके.

ये भी पढ़ें- राजकीय संप्रेक्षण गृह गोरखपुर की दुर्दशा पर हाईकोर्ट सख्त, चीफ जस्टिस ने स्वत: संज्ञान लेकर दर्ज की जनहित याचिका

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read