Okendra Rana
Okendra Rana: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सपा के राज्य सभा सांसद रामजी लाल सुमन के आवास पर हिंसक प्रदर्शन के आरोपी ओकेंद्र सिंह राणा को राहत देते हुए दोनों मामलों में उसकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है. यह आदेश सिद्धार्थ एवं न्यायमूर्ति हरवीर सिंह की खंडपीठ ने ओकेंद्र सिंह राणा की दो याचिकाओं पर सुनवाई के बाद दिया है.
गौरतलब है कि राज्यसभा में बहस के दौरान विवादित बयान को लेकर गत 26 मार्च को करणी सेना ने आगरा में सपा सांसद रामजी लाल सुमन के आवास पर हिंसक प्रदर्शन किया था. उसके बाद रामजी लाल सुमन के पुत्र पूर्व विधायक रणधीर सुमन ने आगरा के हरि पर्वत थाने में अज्ञात भीड़ के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई थी.
ओकेंद्र सिंह राणा है मुख्य आरोपी
इसी घटना को लेकर सांसद की सुरक्षा में तैनात एक पुलिस उपनिरीक्षक ने भी एफआईआर दर्ज कराई थी. खंडपीठ ने दोनों मुकदमों में याची ओकेंद्र सिंह राणा की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। साथ ही याची को विवेचना में सहयोग करने का निर्देश दिया है.
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विश्वसनीय साक्ष्य सामने आने के बाद कर सकते हैं अरेस्ट
पुलिस उपनिरीक्षक की ओर से दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 98/2025 के संदर्भ में कोर्ट ने कहा कि विवेचना के दौरान याची के खिलाफ विश्वसनीय साक्ष्य सामने आने पर विवेचक याची की गिरफ्तारी कर सकते हैं लेकिन अर्नेश कुमार और एमडी असफाक आलम के मामले में सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करते हुए, यह भी निर्देश दिया है कि मामले के आईओ जांच को 60 दिनों के भीतर समाप्त करेंगे और संबंधित मजिस्ट्रेट अदालत में बीएनएसएस की धारा 193(3) के तहत रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे.
सांसद के पुत्र ने भी दर्ज कराया है मामला
सपा सांसद के पुत्र की ओर से दर्ज मामले की याचिका पर कोर्ट ने संबंधित अदालत द्वारा बीएनएसएस की धारा 193(3) के तहत प्रस्तुत पुलिस रिपोर्ट पर संज्ञान लेने तक याची की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी और उसे विवेचना में सहयोग करने का निर्देश दिया है. साथ ही याचिका पर विपक्षी से छह सप्ताह में जवाब मांगा है.
– भारत एक्सप्रेस
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